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हत्या के आरोप से बरी हुए विधायक और विधान पार्षद

फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश नरसिंह प्रसाद ने मंगलवार को बहुचर्चित रेलवे के ठेकेदार प्रमोद कुमार सिंह हत्याकांड मामले में आरोपित विधायक नरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ सुनील पांडेय और उनके भाई एमएलसी हुलास पांडेय को निदरेष पाते हुए बाइज्जत बरी कर दिया। विधायक सुनील पांडेय और हुलास पांडेय अदालत में हाजिर थे।
यह घटना कोतवाली थाना अन्तर्गत बोरिंग कैनाल रोड स्थित ललिता होटल के पास 21 सितंबर 2003 को हुई थी। इसमें अपराधियों ने दानापुर रेलवे के ठेकेदार प्रमोद कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के मामले में पुलिस ने विधायक सुनील पांडेय और हुलास पांडेय पर आरोप पत्र दायर किया था। इस कांड के सूचक और मृत ठेकेदार के पुत्र अमित कुमार सिंह समेत पांच अभियोजन गवाह अपने पूर्व के बयान से अदालत में मुकर गये। अपर लोक अभियोजक के अनुरोध पर अदालत ने इस सभी गवाहों को पक्षद्रोही घोषित कर दिया। इस हत्याकांड मामले में न तो अनुसंधानकर्ता और न ही डॉक्टर गवाही देने अदालत आए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अदालत ने आरोपित विधायक सुनील पांडेय और उसके भाई हुलास पांडेय को निदरेष पाते हुए इस हत्याकांड से बाइज्जत बरी कर दिया।

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  • Web Title:हत्या के आरोप से बरी हुए विधायक और विधान पार्षद