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पुलिस फायरिंग के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बांसा गांव में हुई पुलिस फायरिंग के खिलाफ मंगलवार को सुबह होते ही हजारों ग्रामीण गांव के निकट सड़क पर उतर गये और सासाराम-डेहरी मुख्य सड़क को जाम कर दिया। ग्रामीण पुलिस फायरिंग में मारी गई कलावती देवी के परिजनों को 10 लाख मुआवजा, घायलों को इलाज का खर्च व दोषी पुलिस कर्मिर्यो को बर्खास्त कर हत्या की एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे।


इसके लिए ग्रामीणों ने पुलिस गोली की शिकार महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने से भी रोक दिया। सड़क पर ग्रामीण महिला पुरुषों का आक्रोश देख भारी पुलिस बल का भी व्यवस्था की गई थी। सासाराम अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानाध्यक्षों को पुलिस बल के साथ सासाराम सदर अस्पताल से लेकर बांसा गांव तक लगाया गया था जिससे चप्पे-चप्पे पर जवान दिखाई दे रहे थे।

ग्रामीणों की मांग पर घटना स्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी अनुपम कुमार, पुलिस अधीक्षक विकास वैभव, एएसपी रंजित कुमार मिश्र ने घंटों ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इसके लिए जिला पार्षद पारसनाथ गुप्ता सहित गांव के दजर्नों बुद्धिजीवियों के साथ घटनास्थल पर ही बैठकों का दौर चला। जहां डीएम ने तत्काल मृतक के परिवार को पारिवारिक लाभ, कन्या विवाह योजना व अन्य लाभ दिलाने व घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की। वहीं एसपी ने दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने की बात कह ग्रामीणों के आक्रोश को शांत कराया। इसके बाद ग्रामीण शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए। लेकिन इसके बाद भी गांव में तनाव बना हुआ है। जिसको देखते हुए एसपी ने गांव में एक कंपनी बीएमपी को तैनात किया है। मालूम हो कि सरकारी जमीन पर घर बनाने व पोखरा का सफाई करने को लेकर हुआ विवाद में पहुंची पुलिस द्वारा फायरिंग किये जाने से कलावती देवी की मौत हुई थी। जबकि फुलमती देवी, उर्मिला देवी व सुरेन्द्र पासवान घायल हुए थे।

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  • Web Title:पुलिस फायरिंग के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा