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28 मई, 2020|5:37|IST

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वकीलों से र्दुव्यवहार पर हाईकोर्ट बार ने नाराजगी जताई

गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हर 40 पंचायत पर एक प्रयोगशाला खोलने की योजना है। पेजयल की आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने और कम्प्यूटरीकृत निगरनी सिस्टम बनाने के लिए कुल 46 करोड़ 64 लाख रुपए खर्च होंगे। फोकल प्वाइंट के नाम से खुलने वाले इस एक सिस्टम पर 22 लाख रुपए खर्च होंगे। केन्द्र सरकार से सहयोग से शुरू की जा रही राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को पीएचईडी ने हरी झंडी दे दी है। कैबिनेट की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भी तैयार है।


पीएचईडी विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक विभागीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने इस योजना की स्वीकृति दे दी है। योजना के तहत केन्द्र सरकार 17 करोड़ 70 लाख, पीएचईडी विभाग द्वारा 16 करोड़ 96 लाख और पंचायती राज विभाग द्वारा 11 करोड़ 98 लाख रुपए खर्च किये जाएंगे। योजना के मुताबिक राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत पेयजल गुणवत्ता अनुश्रवण एवं निगरानी के लिए प्रयोगशाला की स्थापना और पेयजलापूर्ति एवं स्वच्छता से संबंधित कार्यो के लिए प्रत्येक 40 पंचायतों पर एक फोकल प्वाइंट की स्थापना करनी है। प्रदेश में कुल 8471 पंचायत हैं। 40 पंचायत पर एक फोकल प्वाइंट की दर से कुल 212 फोकल प्वाइंट की स्थापना होगी। केन्द्र सरकार के नये मार्ग दर्शन के आलोक में सपोर्ट एक्टीविटीज मद के अन्तर्गत पेयजल गुणवत्ता के अनुश्रवण एवं निगरानी के लिए प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यवस्था करनी है।

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