DA Image
1 जून, 2020|6:43|IST

अगली स्टोरी

कसाब ने कहा मैं आतंकवादी नहीं खानसामा था

कसाब ने कहा मैं आतंकवादी नहीं खानसामा था

पाकिस्तानी बंदूकधारी अजमल कसाब ने मंगलवार को कहा कि वह जिहादी नहीं था और उसने पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के शिविर में कोई प्रशिक्षण नहीं लिया। अभियोजन के साक्ष्यों को लेकर कसाब के अंतिम बयान दर्ज कर रही अदालत के समक्ष उसने कहा कि वह पाकिस्तान में झेलम के पास सारायी आलमगीर की एक कैटरिंग कंपनी में खानसामा था।

आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के साथ किसी तरह के संबंधों को खारिज करते हुए कसाब ने हाफिज सईद, जकि उर लखवी, अबू काहफा और अबू हमजा से मुलाकात से भी इनकार किया। ये सभी वांछित आरोपी और कथित लश्कर सदस्य हैं। कसाब ने कहा कि मैंने लश-ए-तालिबान और जमात उद दावा के नाम यहां पुलिस से सुने हैं। अपराध शाखा के अधिकारियों ने लखवी की तस्वीरें दिखायी थीं। जब अदालत ने पूछा कि प्रशिक्षण शिविर में क्या उसका परिचय किसी मेजर जनरल साब से हुआ था तो उसने कहा, यह पूरी तरह गलत है।

न्यायाधीश एम़एल़ टाहिलियानी फरवरी में कसाब के इकबालिया बयान के आधार पर उससे सवाल कर रहे थे, हालांकि कसाब ने यह कहते हुए दोष स्वीकार नहीं किया कि यह दबाव में दिया गया था। जब विशेष न्यायाधीश टाहिलियानी ने कसाब के इस बयान का जिक्र किया कि हाफिज सईद ने लश्कर के प्रशिक्षण शिविर में 30 लड़कों से कहा था कि उन्हें कश्मीर की आजादी के लिए अपनी जान देनी होगी, इस पर कसाब ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है।
   
कसाब ने पुलिस पर आरोप लगाया कि मजिस्ट्रेट के सामने बयान नहीं देने पर उसे बिजली के झटके देने की धमकी दी गयी थी। उसने कहा कि पुलिस ने इकबालिया बयान तैयार कर लिया था और उस पर इसे देने के लिए दबाव बनाया।

जब उससे पूछा गया कि क्या प्रशिक्षण में उसे ऐसा कहा गया कि यदि वे भारत पर हमला करते हैं तो जन्नत में जाएंगे, इस पर उसने ना में जवाब देते हुए कहा कि उसने प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लिया था। कसाब ने पुलिस को कुबेर नौका और नाव पर मिले एक शव के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार दस आतंकवादियों के एक समूह ने पाकिस्तान के कराची से मुंबई जाते वक्त कुबेर नौका का अपहरण कर लिया था।

कसाब का कहना था कि मैंने कभी नाव नहीं देखी, अपराध शाखा और एफबीआई ने मुझे कुबेर की तस्वीरें तथा नाव से जब्त किये गये कपड़े और सामान दिखाए। ये सामान या तो किसी मछुआरे का होना चाहिए या तस्करों का। एक़े़47 राइफल पुलिस की हो सकती है और यह मेरी नहीं है। कसाब को उसकी पैंट की जेब से मिला एक परिचय पत्र मंगलवार को अदालत में दिखाया गया लेकिन उसने खुद को पहचानने से इनकार कर दिया। उसने कहा, यह मेरा नहीं है। पैंट मेरी नहीं है। मैं चमड़े की पैंट पहनता था। इसी तरह कसाब के पास से जब्त धन के बारे में उसने कहा कि यह उसका नहीं है।

कसाब को जब 100 रुपये का नोट दिखाया गया तो उसने कहा कि पुलिस ने 25 नवंबर को मुझसे 2400 रुपये लिये थे, जो मैंने अपने वापसी टिकट के लिए रखे थे। उन नोटों पर कोई निशान नहीं था। लेकिन इन नोटों पर कुछ लिखा हुआ है। कसाब ने यह आरोप भी लगाया कि पुलिस ने सभी गवाहों को जानकारी दी। उसने कहा कि एक गवाह ने पहचान परेड में मेरी पहचान ताज होटल में मौजूद शख्स के तौर पर की। गवाह को सुनवाई के दौरान अदालत में नहीं लाया गया।

उसने यह भी कहा कि परेड से पहले सभी गवाहों को उसकी तस्वीर दिखाई गयी थी और इस तरह वे उसे पहचान सकते थे। कसाब ने यह आरोप भी लगाया कि जेल में हिरासत में होने के बावजूद अपराध शाखा के तीन अधिकारी उसकी हिफाजत में लगे थे और उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान देने के लिए धमकाते थे।
   
उसने कहा कि मैंने 18 फरवरी को मजिस्ट्रेट को लिखित में यह शिकायत दी थी, जिस समय मुझे इकबालिया बयान दर्ज करने के लिए पेश किया गया था। लेकिन जब इस पर कुछ नहीं किया गया तो मैं चुप रहा और दोबारा शिकायत नहीं की। कसाब के साथ दो भारतीय आरोपी फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद 26/11 के आतंकी हमलों के मामले में सुनवाई का सामना कर रहे हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:कसाब ने कहा मैं आतंकवादी नहीं खानसामा था