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झारखण्ड में बुधवार को होगा माननीयों के भाग्य का फैसला

झारखण्ड की 81 विधानसभा सीटों पर पांच चरणों में हुए मतदान में मतपेटियों में बंद 1489 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कल हो जाएगा। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि सभी मतगणना स्थलों पर अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है।
 
उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में भाजपा और जेडीयू, कांग्रेस और झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अलावा राजद—लोजपा—भाकपा—माकपा और माओवादी समंवय समिति गठबंधन बना कर राज्य में अपनी अपनी सरकारें बनाने का दावा कर रहे हैं।
   
इस चुनाव में शिबू सोरेन की झारखण्ड मुक्ति मोर्चा अकेले ही मैदान में है और उसने सबसे अधिक 79 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। वहीं बहुजन समाज पार्टी ने 78, भाजपा ने 67, कांग्रेस ने 61, राजद ने 54, एजेएसयू ने 54, तृणमूल कांग्रेस ने 37 और भाकपा (माले) ने 33 उम्मीदवारों को राज्य विधानसभा में प्रवेश के लिए उतारा। कांग्रेस और बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) ने इस चुनाव में सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
   
गौरतलब है कि मरांडी 2005 के चुनावों में भाजपा के साथ थे, लेकिन उसके अगले ही साल 2006 में उन्होंने अपनी एक अलग पार्टी झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांखिक) नाम से गठित कर ली और इस बार के चुनावों में वह कांग्रेस के साथ मिल फिर से राज्य के मुखिया की कुर्सी पर काबिज होने का प्रयास कर रहे हैं।
   
राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप कुमार बालमुचु घाटशिला से दोबारा लड़ रहे हैं, वहीं राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी दुमका से और विधानसभा अध्यक्ष रहे आलमगीर आलम पाकुड़ से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चुनाव में शिबु सोरेन ने यह कहते हुए किसी भी गठबंधन से हाथ मिलाने का संकेत दिया है कि राजनीति में कोई अछूत नहीं होता।

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