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कोपेनहेगन का दोषी बताए जाने पर चीन लाल

कोपेनहेगन का दोषी बताए जाने पर चीन लाल

हाल ही में जलवायु परिवर्तन पर कोपनहेगन में हुई वार्ता पर टिप्पणी करते हुए ब्रिटेन के एक अखबार में छपे लेख पर चीन ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। इस लेख में कहा गया था कि कोपनहेगन वार्ता पर चीन ने कब्जा कर लिया था।

ब्रिटेन के जलवायु परिवर्तन मंत्री एडवर्ड मिलिबैंड द्वारा लिखे गए लेख में वार्ता के विफल होने के कगार तक पहुंचने के लिए दोषी ठहराया गया था। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग यू ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह लेख विकासशील देशों के बीच में मतभेद पैदा करने के उद्देश्य से लिखा गया।

उन्होंने कहा कि ब्रिटानी राजनेता की यह टिप्पणी विकसित देशों द्वारा अपने दायित्वों को विकासशील देशों पर डालने और विकासशील देशों के बीच मतभेद पैदा करने का प्रयास है, लेकिन यह प्रयास विफल साबित हुआ है।

उल्लेखनीय है कि मिलिबैंड ने गार्डियन समाचार पत्र में सोमवार को लिखा था, ज्यादातर विकसित और विकासशील देशों ने उत्सर्जन में बाध्यकारी कटौती लाने का समर्थन किया था, लेकिन कुछ प्रमुख विकासशील देशों ने इसका समर्थन करने से इंकार कर दिया।

उन्होंने लिखा, हमने 2050 तक वैश्विक उत्सर्जन में 50 प्रतिशत कटौती या विकसित देशों द्वारा 80 प्रतिशत कटौती करने पर कोई समझौता नहीं कर सके। दोनों पर चीन ने अन्य विकसित देशों के समर्थन और बहुसंख्यक विकासशील देशों के बहुमत के बिना वीटो लगा दिया।

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