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महँगाई के लिए राज्यों को जिम्मेदार ठहराना बहाना : मायावती

मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की पूँजीपतियों को फायदा पहुँचाने वाली गलत आर्थिक नीतियों के कारण ही महँगाई बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा बढ़ती महँगाई के लिए राज्यों को जिम्मेदार ठहराने का आरोप जिम्मेदारी से बचने का एक बहाना है। उन्होंने दावा किया कि एक साल में खाद्य पदार्थो के मूल्यों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, जो देश के इतिहास में अभूतपूर्व है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों का आम आदमी के हित से कोई लेना-देना नहीं है। उसकी नीतियाँ पूँजीपतियों और धन्ना सेठों के लिए हैं। इन नीतियों के चलते ही आम आदमी के लिए दो वक्त का भोजन जुटाना भी दूभर हो गया है।

मायावती ने कहा कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ का नारा महज एक दिखावा है। कांग्रेस का हाथ पूँजीपतियों के साथ है। इसका स्पष्ट उदाहरण तब सामने आया जब केंद्र ने पूँजीपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए बढ़े गन्ना मूल्य का भार राज्य सरकारों पर डालने का घिनौना प्रयास किया। लेकिन जनाक्रोश के कारण यह सफल नहीं हो सका और मजबूरी में केंद्र को कानून में संशोधन करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि केंद्र ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक लाभ के लिए डीजल-पेट्रोल के दामों में कमी कर दी थी। लेकिन चुनाव खत्म होते ही केंद्र ने पूँजीपतियों और धन्ना सेठों को लाभ पहुँचाने के लिए ही डीजल और पेट्रोल के दामों में भारी बढ़ोत्तरी कर दी जिससे तेजी से महँगाई बढ़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में धान की पैदावार में संभावित कमी के मद्देनजर चावल के निर्यात पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए थी, लेकिन आर्थिक अपराधियों और कालाबाजारियों के दबाव में और उन्हें फायदा पहुँचाने के लिए चोरी-छिपे देश के बाहर चावल का निर्यात होने दिया गया। जिसके परिणाम अब जनता के सामने आने लगे हैं।

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