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प्रधान कमेटी रिपोर्ट के घेरे में मुंबई पुलिस आयुक्त गफूर

प्रधान कमेटी रिपोर्ट के घेरे में मुंबई पुलिस आयुक्त गफूर

मुंबई में हुए आतंकवादी हमले की जांच के लिए गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने युद्ध की तरह चौतरफा हमले से निपटने में मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त हसन गफूर की तरफ से गंभीर चूक पाई है। हालांकि, दो सदस्यीय समिति ने मुंबई पुलिस के किसी अधिकारी और पुलिसकर्मी की तरफ से कार्रवाई करने या प्रतिक्रिया करने में व्यक्तिगत तौर पर कोई गंभीर चूक नहीं पायी। पूर्व राज्यपाल आरडी प्रधान द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया कि हसन गफूर की तरफ से प्रत्यक्ष नेतृत्व का अभाव था। पुलिस आयुक्त के कार्यालय की तरफ से दृश्य नियंत्रण का अभाव था।

रिपोर्ट को सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में राज्य के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने रखा। रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति ने मंत्रालय के भीतर, राज्य सचिवालय और पुलिस प्रतिष्ठान के कामकाज में कई खामियां पाईं। प्रधान ने मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को रिपोर्ट सौंपते हुए अपने नोट में लिखा कि खुफिया सूचनाओं के प्रबंधन और संकट प्रबंधन के निर्धारित मानदंडों की अनदेखी की गई। इसपर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। समिति के एक अन्य सदस्य केंद्रीय सचिवालय में पूर्व विशेष सचिव वी बालचंद्रन थे।

रिपोर्ट में कहा गया कि युद्ध जैसा हमला मुंबई पुलिस की क्षमता से बाहर था। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड जैसे विशेष बलों को निपटना चाहिए था। रिपोर्ट में कहा गया है, हालांकि, हमने पाया कि चौतरफा हमले से निपटने के लिए मुंबई पुलिस आयुकत ने पर्याप्त पहल नहीं दिखाई। वह समूचे अभियान के दौरान एक ही स्थान होटल ट्राइडेंट के पास रहे। इसमें कहा गया है, आयुक्त कार्यालय से दृश्य नियंत्रण के अभाव में जनता में यह धारणा बनी कि पुलिस ने अभियान का कारगर तरीके से संचालन नहीं किया।
   
रिपोर्ट में कहा गया है, बल्कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने हमसे कहा कि तीन दिनों तक न तो आयुक्त ने हमें कोई निर्देश दिया और न ही चल रहे अभियान के बारे में पूछताछ की। हमने पाया कि चयनित आधार पर आयुक्त वायरलेस और मोबाइल पर संपर्क में रहे। कुछ अधिकारियों ने महसूस किया कि उन्हें इस बात की अनुभूति नहीं हुई कि वे दल का हिस्सा हैं।
   
समिति ने कहा कि हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि हसन गफूर की तरफ से दृश्य और स्पष्ट नेतृत्व का अभाव था। समिति ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों द्वारा मुहैया कराई गई सूचना पर कार्रवाई करने में कोई विफलता नहीं पाई। समिति ने तत्कालीन पुलिस महानिदेशक एएन राय की प्रशंसा की है। समूचे अभियान के दौरान वह सूचना मुहैया कराने के लिए उपलब्ध रहे और उन्होंने मदद की।

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