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कैदी की मौत से बाल्मीकि समाज में रोष व्याप्त

युवती को भागने के मामले में मेरठ जेल में बंद कैदी की रविवार शाम हुई मौत का मामला तूल पकड़ सकता है। परिजनों ने इस बाबत मानवाधिकार आयोग में शिकायत करने की बात कहीं है। आरोप है कि दो दिन पहले जब परिजन मिलाई करने जेल गए थे तो कैदी की हालत सहीं थी। बताया जाता है कि मंगलवार को पीड़ित व आरोपियों के बीच कोर्ट में फैसला भी होना था।


जानकारी के अनुसार मेरठ जेल में बंद कैदी मनोज बाल्मीकि पुत्र स्व.रामसिंह मूलरुप से टीपीनगर थाना क्षेत्र के गांव शेखपुरा का रहने वाले था। और कुछ समय से यहां मोदीनगर में गधा गेट पर स्थित लंकापुरी मौहल्ले में आकर रहने लगे थे। एक साल पूर्व शेखपुरा निवासी रीता नामक युवती को बहलाफुसलाकर भगा ले जाने का आरोप मनोज व उसके भाई अनिल पर लगाया था। और पुलिस ने दोनों को जेल भेजा था। जेल से मिली जानकारी के अनुसार रविवार शाम मनोज को खून की उल्टी हुई और उसकी मौत हो गई।


सोमवार दोपहर मनोज का शव पोस्टमार्टम के बाद मोदीनगर लाया गया। जहां शव को देख परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की मां श्रीमती राजेश व बहन सुनीता ने बताया कि दोनों मनोज शादी शुदा है उसके परिवार में पत्नी बबीता, तीन बच्चाे नुवेश (10)खुशी (4) व पन्द्रह दिनों का बोबी है। सुनीता ने बताया कि वह दो दिन पहले ही अपने भाई अनिल की पत्नी आशा के साथ जेल में मिलाई करने गई थी जब मनोज की हालत सहीं थी। परिजनों ने यह भी बताया कि वह इस मामले को लेकर मानवाधिकार आयोग का दरखाजा खटखटायेंगे। इधर कैदी के वकील जगदीश का कहना है कि इस मामले में आरोपी पक्ष भी अब फैसला करने को तैयार था और 22दिसंबर को दोनों पक्षों के बीच कोर्ट में फैसला होना था। वहीं मनोज की मौत से बाल्मीकि समाज में रोष व्याप्त है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।

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  • Web Title:कैदी की मौत से बाल्मीकि समाज में रोष व्याप्त