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बिल्डरों के लिए कनवैंस डीड जरूरी

जिले के सभी बिल्डर और डेवलेपरों को अपने ग्राहकों द्वारा प्लाट या फ्लैट की ‘कनवैंस डीड’ करवाने के बाद ही पोजेशन देना अनिवार्य है। बिना ‘कनवैंस डीड’ के किसी भी ग्राहक को बिल्डर फ्लैट की पोजेशन बिल्कुल ना दें।
उपायुक्त राजेन्द्र कटारिया जिले में फ्लैटों की मंजिलों की रजिस्ट्री से आने वाले राजस्व के बारे में बुलाई गई बैठक में बोल रहे थे। रेडको एसोसियशन व विभिन्न बिल्डर कम्पनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि राज्य सरकार ग्राहकों की सुविधा को देखते हुए ही मंजिलवार रजिस्ट्री को अनुमति प्रदान की थी। सरकार ने मंजिलवार रजिस्ट्री करवाने पर एक प्रतिशत अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी अनिवार्य की हुई है। उठाये गये इस महत्वपूर्ण कदम के बावजूद कई लोग व बिल्डर बिना ‘कनवैंस डीड’ के पोजेशन ले लेते हैं। जिसके कारण मंजिलवार रजिस्ट्री से आने वाला राजस्व नहीं मिल पाता। बिल्डर प्रोजैक्ट्स के लिए पोजेशन के समय ‘कनवैंस डीड’ करवाना अपने ग्राहकों के लिए अनिवार्य करें और बिना ‘कनवैंस डीड’ के किसी भी ग्राहक को फ्लैट या प्लाट की पोजेशन बिल्कुल ना दें।


आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनाये गये लगभग 9000 फ्लैटों में से लगभग 1200 का ही पोजेशन ग्राहकों को दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि जिला गुड़गांव में सरकार द्वारा लाईसैंसशुदा प्रोजैक्ट, कुल क्षेत्र, कुल फ्लैटों व प्लाटों की संख्या, तैयार फ्लैटों व प्लाटों की संख्या, अलाट किये गये फ्लैटों व प्लाटों की संख्या, अलाट नहीं किये गये फ्लैटों व प्लाटों की संख्या, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनाय गये फ्लैटों व प्लाटों की संख्या और कुल निर्माण किये गये क्षेत्र के ब्यौरे की पूरी जानकारी जल्द से जल्द कार्यालय को मुहैया करायें। सभी बिल्डर कम्पनियों का ब्यौरा भी उपायुक्त कार्यालय में उपलब्ध करवाने के लिए कहा। उपायुक्त ने कहा कि बिल्डर यह भी ध्यान में रखें कि एक फ्लैट या प्लाट की अलाटमैन्ट केवल एक व्यक्ति के नाम ही होनी चाहिए।

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