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विश्व बैंक ने दिया बिहार के विकास का मंत्र

विश्व बैंक की एक शाखा ने बिहार के विकास के लिए राज्य सरकार के कामकाज की निगरानी करने व विकास कार्यो में पारदर्शिता लाने का सुझाव दिया है।

विश्व बैंक संस्थान के उपाध्यक्ष संजय प्रधान कहते हैं, ‘‘सरकार के कामकाज की निगरानी प्रक्रिया को मजबूत बनाकर और विकास कार्यो में पारदर्शिता लाने से विकसित बिहार का मार्ग प्रशस्त होगा।’’

प्रधान ने ये बातें रविवार रात समाप्त हुए दो-दिवसीय सत्र को संबोधित करते हुए कहीं। ‘विश्व बैंक संस्थान’, विश्व बैंक की शिक्षण, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण शाखा है।

प्रधान ने कहा कि सरकार के कामकाज की ठीक तरह से निगरानी न होना और विकास कार्यो में पारदर्शिता न होना राज्य के विकास में बहुत बड़ी रुकावट है।

उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में विकास का मार्ग प्रशस्त करने के लिए सतर्कता ब्यूरो और सूचना के अधिकार (आरटीआई) को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। लोग किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त करने के लिए आरटीआई का उपयोग कर सकते हैं। आरटीआई ने लोगों को सूचनाएं प्राप्त करने का एक दुर्लभ अवसर दिया है।’’

उन्होंने कहा कि अब भी आरटीआई को निचले स्तर पर लागू करने और इसके लाभ को समाज के वंचित वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

प्रधान ने कहा कि विश्व बैंक बिहार को विकास कार्यो के लिए 1.5 करोड़ डॉलर देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2005-08 में बिहार की विकास दर 7.7 प्रतिशत दर्ज की गई थी और बिहार आगे के विकास के लिए तैयार है।

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