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मोंटेक दूसरी बार योजना आयोग के उपाध्यक्ष बने

मोंटेक दूसरी बार योजना आयोग के उपाध्यक्ष बने

भारत की प्रमुख आर्थिक विश्लेषण और नीति नियोजन संस्था, योजना आयोग में इस वर्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया फिर पांच वर्ष के लिए उपाध्यक्ष बनाए गए पर संस्था के समक्ष इस सबसे सबसे बड़ी चुनौती है कि वह अपने आप को कैसे बदलते समय की कसौटी पर उपयोगी बनाए रखे और योजना प्रक्रिया को समसामयिक रख सके। अहलूवालिया लगातार दूसरी बार योजना आयोग के उपाध्यक्ष बने हैं।
  
पारंपरिक काम काम के अलावा अहलूवालिया ने बोस्टन कंसल्टेंसी ग्रुप से जुड़े अपने नए सदस्य अरुण मैड़ा को आयोग में सुधार का जिम्मा दिया है। अहलूवालिया ने आयोग की हाल की बैठक में कहा था हम अपने-अपने दड़बे में सिमट कर काम नहीं कर सकते। हमें आस-पास से बेहतर विचार हासिल चाहिए।

संप्रग सरकार की सत्ता में वापसी के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने फिर से आयोग का पुनर्गठन किया जिसने वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच मददेनजर 11वीं योजना के लक्ष्यों को नयी परिस्थितियों के मद्देनजर संशोधित करने कामकाज शुरू कर दिया है। सितंबर 2008 में लीमैन ब्रदर्स के धराशायी होने के बाद पैदा वैश्विक वित्तीय संकट के असर को नाकाम करने के लिए सरकार को नीतिगत सलाह देने के अलावा योजना आयोग ने ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) की पारंपरिक मध्यावधि समीक्षा शुरू कर दी है।

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