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क्रांतिकारी है अनिवार्य और नकारात्मक वोटिंग का प्रावधानः मोदी

क्रांतिकारी है अनिवार्य और नकारात्मक वोटिंग का प्रावधानः मोदी

गुजरात विधानसभा ने स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान अनिवार्य मतदान का प्रावधान करने के साथ ही देश में पहली बार नकारात्मक वोटिंग की भी व्यवस्था करके एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

राज्य विधानसभा ने तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शनिवार को गुजरात स्थानीय निकाय कानून संशोधन विधेयक 2009 को मंजूरी देकर देश में पहली बार मतदान को अनिवार्य करने और मतदाताओं को नकारात्मक वोटिंग का अधिकार दे दिया। यह एक ऐसा कदम है जिसका असर दूरगामी होगा और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसकी अहमियत का एहसास है।

मोदी ने इस कानून को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी चुनाव सुधार बताते हुए कहा कि नकारात्मक वोटिंग का अधिकार मिलने से अब मतदाता उम्मीदवारों के प्रति अपनी नाराजगी और गुस्से का खुलकर इजहार कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे निर्वाचन प्रणाली में गुणात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे और चुनावी परिदृश्य को अधिक सकारात्मक बनाया जा सकेगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि चुनाव में सभी मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने से हमारा लोकतंत्र मजबूत होगा।

इस कानून के लागू हो जाने के बाद गुजरात में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके अलावा मतदाता को अपने निर्वाचन क्षेत्र के सभी उम्मीदवारों को अपनी नापसंदगी के आधार पर खारिज करने का अधिकार भी मिलेगा।

दरअसल मोदी सरकार के इस कदम को उस बहुप्रतीक्षित चुनाव सुधार से जोड़कर देखा जा रहा है जिसके तहत पढे-लिखे तबकों की मतदान प्रक्रिया में घटती रुचि को कम करने के उपाय सुझाए जाते रहे हैं। चुनाव सुधार के हिमायती पहले भी कहते रहे हैं कि सही और काबिल लोगों को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ने के लिए अनिवार्य मतदान और नकारात्मक वोटिंग के प्रावधान करने होंगे।

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