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मैंने करकरे, काम्टे की हत्या नहीं की: कसाब

मैंने करकरे, काम्टे की हत्या नहीं की: कसाब

मुंबई हमले के सिलसिले में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब ने सोमवार को विशेष अदालत में एक बार फिर अपने बयान से पलटते हुए इस बात से इनकार किया कि उसने 26 नवंबर की रात पुलिस अधिकारियों हेमंत करकरे, अशोक काम्टे और विजय सालस्कर को गोली मारी। उसने दावा किया कि वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं था।

कसाब ने विशेष अदालत से कहा कि मेरे उनपर गोली चलाने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि मैं घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। कसाब ने कहा कि वह मुंबई हमले के दौरान सीएसटी, कामा अस्पताल या गिरगांव चौपाटी, जहां मुंबई हमले के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार किया था, पर नहीं था। क्योंकि जिस समय हमला हुआ था, उस समय वह पहले से ही पुलिस हिरासत में था।

उसने कहा कि हमले के बाद उसे पुलिस वाहन में अपराध शाखा के अधिकारी वहां ले गए और उसे घटनास्थल पर दिखाया गया।
 कसाब ने आरोप लगाया कि वे पुलिस हैं, इसलिए उन्हें अभियुक्त की आवश्यकता है। इसलिए उन्होंने मुझे फंसाया।

जब अदालत ने कसाब से पूछा कि उसके हाथ में गोली कैसे लगी तो उसने आरोप लगाया कि जब वह हिरासत में था तब पुलिस ने उसके हाथ को एनेस्थेसिया के जरिए सुन्न कर उसमें गोली मार दी।

इससे पहले, जब अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई तो उसने न्यायाधीश एमएल टहलियानी से कहा कि वह स्वस्थ महसूस नहीं कर रहा है। उसने अपना बयान दर्ज करने की कार्यवाही स्थगित करने की मांग की।

लेकिन न्यायाधीश ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई स्थगित नहीं की जाएगी। हालांकि, अगर कसाब कुछ नहीं कहना चाहता तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। मामले की सुनवाई भोजनावकाश के बाद फिर शुरू होगी।

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