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असम में 96 घंटों की 'तेल नाकेबंदी', चौकसी बढ़ी

असम में 96 घंटों की 'तेल नाकेबंदी', चौकसी बढ़ी

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की अपने तेल क्षेत्र निजी कंपनियों को बेचने की कथित योजना के विरोध में ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन(आसू) के आह्वान पर 96 घंटों की 'तेल नाकेबंदी' सोमवार सुबह छह बजे से आरंभ हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारी छात्रों को राज्य में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन में बाधा डालने से रोकने के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है।

आसू के वरिष्ठ नेता सरत हजारिका ने कहा कि धरना दे रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कर्मचारियों को तेल क्षेत्रों की ओर ले जा रहे वाहनों को रोका और यह किसी भी समय हो सकता है कि हम कच्चे तेल के उत्पादन को रोक दें।

राज्य में ओएजनजीसी का पूरा परिचालन सिबसागर और जोरहट जिलों से होता है। कंपनी के एक अधिकरी ने बताया, ''हड़ताल का कुछ असर पड़ा है, लेकिन कच्चे तेल के उत्पादन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।''

गौरतलब है कि बीते सप्ताह ओएनजीसी ने असम में कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए सुविधाओं और उपकरणों में सुधार के मकसद से 24 अरब रुपये के निवेश की योजना का ऐलान किया था।

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