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दांत की शल्य चिकित्सा होगी आसान

अगर आपके बच्चे के कम उम्र में ही दांत खराब होकर गिर गए हैं, तो आपको चिंतित होने की जरूरत नहीं है। एम्स के चिकित्सकों ने ऐसी स्टेम कोशिका तकनीकी ईजाद की है, जिससे रूट में सिर्फ एक दरार करके नया दांत लगाया जा सकेगा।

एम्स की सेंटर फॉर डेंटल एजुकेशन एंड रिसर्च की प्रमुख नसीम शाह ने कहा, हम एम्स में ऐसे बच्चों का उपचार कर रहे हैं, जिनके दांत चोट या अन्य किसी वजह से संक्रमित हो गए हैं। हम इसके लिए स्वदेशी स्टेम कोशिकाओं का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूट दांत का सबसे अहम भाग है। दांत को कोई भी नुकसान पल्प और हड्डी में संक्रमण फैला सकता है, जिससे रूट का विकास रुक जाता है। ऐसी रूट जल्दी ही नष्ट होकर दांत तोड़ सकती है।

नसीम ने कहा कि पारंपरिक उपचार के तहत रूट कैनाल थेरेपी से नष्ट हुए पल्प को निकाला जाता है, जिसके बाद उस खाली स्थान को भरा जाता है। उन्होंने बताया कि नए उपचार में रूट कैनाल में संक्रमण को नियंत्रित करके कैनाल के ऊतकों को सुन्न करके उसमें रक्तप्रवाह से थक्का बनाया जाएगा। यह थक्का बाद में स्टेम कोशिकाओं की वृद्धि में मदद करेगा। कोशिकाएं यहां गुणित होकर डेंटिन, हड्डी या सीमेंटम बनाएंगी।

डॉ़ नसीम ने बताया कि इस तकनीक का पिछले चार साल से परीक्षण चल रहा है, जिसके तहत सबसे पहले इसका 14 वर्ष की उम्र के एक बच्चे में परीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरीके में खर्च भी कम होगा क्योंकि इसमें स्टेम कोशिकाओं का उपयोग किया जाता है। इसमें हमें बाहर से कोई चीज लगाने की जरूरत नहीं है। इसके कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हैं।

 

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