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अलग दार्जीलिंग पर जीजेएम के साथ त्रिपक्षीय वार्ता सोमवार को

अलग दार्जीलिंग पर जीजेएम के साथ त्रिपक्षीय वार्ता सोमवार को

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा-जीजेएम की अलग गोरखालैंड की मांग पर चौथी त्रिपक्षीय बातचीत सोमवार को होगी। उधर केंद्र ने आगाह किया है कि यदि संगठन का नेतृत्व अपने रुख पर अड़ा रहा तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

जीजेएम ने मांग की थी कि यह गंभीर वार्ता राजनीतिक स्तर पर होनी चाहिए, लेकिन इसमें केवल अधिकारी शामिल होंगे।

केंद्रीय गृह सचिव जी़क़े पिल्लई पांच सदस्यीय केंद्रीय दल का नेतृत्व करेंगे, वहीं राज्य सरकार की तरफ से मुख्य सचिव अशोक मोहन चक्रवर्ती, गृह सचिव अद्धेरेंदू सेन, पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह और दार्जीलिंग के जिला मजिस्ट्रेट सुरेंद्र गुप्ता प्रतिनिधित्व करेंगे।

वार्ता की पूर्वसंध्या पर वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने रविवार को उम्मीद जताई कि बातचीत से इस मुद्दे को सुलझाया जा सकता है और उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जीजेएम नेतृत्व एक अलग राज्य की अपनी मांग पर अड़ा रहा तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

मुखर्जी ने कोलकाता के केंद्रीय उत्पाद शुल्क भवन में केंद्रीय आबकारी एवं सीमाशुल्क के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या गोरखालैंड की मांग को बातचीत के जरिए सुलक्षाया जा सकता है, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि मुक्षे नहीं लगता कि कोई समस्या ऐसी है जिसे बातचीत के जरिए नहीं सुलक्षाया जा सकता।

जब प्रणव मुखर्जी से कहा गया कि जीजेएम अलग राज्य की अपनी मांग पर अड़ी हुआ है तो उन्होंने कहा कि यदि कोई अपनी मांग पर अड़ा रहे तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

बातचीत से पहले दार्जीलिंग पहाडि़यों पर 17 दिसंबर से चार दिन की हड़ताल का आहवान किया गया था लेकिन गोरखालैंड की मांग का समर्थन करने वाली भाजपा द्वारा हड़ताल समाप्त करने के लिए कहे जाने के बाद इसे पहले ही दिन वापस ले लिया गया।

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