class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दुर्घटना होने पर परमाणु कंपनियां देंगी 300 करोड़ रुपये मुआवजा!

दुर्घटना होने पर परमाणु कंपनियां देंगी 300 करोड़ रुपये मुआवजा!

केंद्र सरकार ने किसी परमाणु प्रतिष्ठान से होने वाली दुर्घटना की स्थिति में संबंधित कंपनी पर अधिकतम 3०० करोड़ रुपये के मुआवजे की जिम्मेदारी डालने का फैसला किया है।

भारत-अमेरिका के बीच नागरिक परमाणु समझौते के क्रियान्वयन के अंतिम चरणों में से एक 'नागरिक परमाणु जिम्मेदारी विधेयक' के प्रस्तावित मसौदे में यह बात कही गई है। विधेयक के मसौदे को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा से पहले 2० नवंबर को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी गई।

'सिविल लायबिलिटी फॉर न्यूक्लियर डैमेज बिल 2००9' की उपलब्ध प्रति के चैप्टर 2 के सेक्शन 6 के मुताबिक प्रत्येक परमाणु दुर्घटना की स्थिति में अधिकतम जिम्मेदारी की राशि 22०8 करोड़ रुपये होगी और संबंधित कंपनी पर क्षति की अधिकतम जिम्मेदारी 3०० करोड़ रुपये होगी। यदि कंपनी की जिम्मेदारी 3०० करोड़ रुपये से अधिक होती है तो बाकी की राशि का भुगतान सरकार करेगी।

इसमें कहा गया है कि हालांकि सरकार अधिसूचना जारी कर परमाणु प्रतिष्ठान से जुड़े खतरों को भांपते हुए संबंधित कंपनी की जिम्मेदारी बढ़ा या घटा सकती है। ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी की राशि 1०० करोड़ से कम नहीं हो सकती है।

विधेयक में अपवाद की स्थितियों की भी चर्चा है जब संबंधित कंपनी पर मुआवजा तय नहीं किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय आपदा जैसे सशस्त्र संघर्ष, आतंकवादी हमलों और स्वयं की लापरवाही के कारण दुर्घटना का शिकार होने पर मुआवजे के लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं होगी।

मुआवजे की अधिकतम जिम्मेदारी तय करने के सरकार के फैसले की आलोचना होने लगी है और माना जा रहा है कि संसद के अगले सत्र में जब विधेयक को पेश किया जाएगा तब सदन के भीतर विपक्षी दल सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे।

'ग्रीन पीस इंडिया' से जुड़े पूर्व महान्यायवादी सोली सोराबजी ने कहा कि जिम्मेदारी तय करने को किसी भी रूप से न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने कहा, ''ऐसा कोई भी कदम सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ होगा और संविधान की धारा 21 के मुताबिक देश के नागरिकों के हित के खिलाफ होगा।''

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दुर्घटना होने पर परमाणु कंपनियां देंगी 300 करोड़ रुपये मुआवजा!