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कारपोरेट घरानों के कर ब्यौरे भी आरटीआई के दायरे में!

मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला का मानना है कि कारपोरेट घरानों के कर ब्यौरे को भी आरटीआई कानून के दायरे में रखा जा सकता है, क्योंकि इनके गोपनीयता अनुबंध व्यक्तियों से सम्बद्ध हैं और इनका विस्तार संगठनों तक नहीं है।

उन्होंने पीटीआई से कहा कि हमनें एक फैसले में कहा कि राजनीतिक दलों के कर ब्यौरे का खुलासा इस कानून के तहत किया जा सकता है। कारपोरेट समूह भी कुल मिलाकर ऐसे ही संगठन हैं। उन्होंने कहा कि आरटीआई कानून की धारा 8:1 व्यक्तियों की गोपनीयता की बात करता है और यह संगठनों से सम्बद्ध नहीं है। लेकिन खुलासे के बारे में फैसला हर मामले के आधार पर होना चाहिए।

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  • Web Title:कारपोरेट घरानों के कर ब्यौरे भी आरटीआई के दायरे में!