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पाक को भारत से वार्ता का इंतजार: पाकिस्तान

पाक को भारत से वार्ता का इंतजार: पाकिस्तान

वार्ता को एक बार फिर बहाल करने का दबाव डालने की कोशिश करते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि भारत शर्म-अल-शेख में दिए संयुक्त वक्तव्य की प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं कर रहा है।

भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक ने कहा कि कूटनीतिक खालीपन शांति में मदद नहीं करेगा और एक-दूसरे से बात न करके हम ऐसी ताकतों को मजबूत कर रहे हैं, जो नहीं चाहतीं कि दोनों देश प्रगति करें।
   
करण थापर के 'डेविल्स एडवोकेट' कार्यक्रम में मलिक ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान मुंबई हमलों के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई में धीमी गति से कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि उनका देश विश्वसनीय सबूतों का इंतजार कर रहा है, जिनके आधार पर कार्रवाई कर सके। वह सुनिश्चित करना चाहता है कि मामले में कोई ढिलाई नहीं है।
   
शर्म-अल-शेख में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके समकक्ष युसूफ रजा गिलानी के बीच हुए समझौते के संदर्भ में मलिक ने कहा कि कुछ मुद्दों, जिन पर हम राजी हुए थे, उन पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। उसके बाद से कोई बात नहीं हुई है, जो बताता है कि समझौते का अब तक पालन नहीं हुआ है।

जुलाई में दोनों देशों के बीच हुई वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में वार्ता को पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई से अलग कर दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत अपनी प्रतिबद्धताओं से हटा है, मलिक ने कहा कि वह बहुत कठोर शब्द हैं और मैं उन्हें इस्तेमाल नहीं करना चाहता।

यह पूछे जाने पर कि क्या भारत वार्ता को पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई से फिर जोड़ने की कोशिश कर रहा है, उन्होंने कहा आप इसे ऐसे भी देख सकते हैं।

16 जुलाई के संयुक्त वक्तव्य की ओर ध्यान दिलाते हुए मलिक ने कहा कि इसमें कहा गया था कि आतंकवाद से लड़ने में हम जो प्रयास कर रहे हैं, उसे वार्ता प्रक्रिया से दूर रखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मैं प्रतिबद्धताओं और दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच के समझौते के संदर्भ में बात कर रहा हूं और अगर आप संयुक्त वक्तव्य पर ध्यान दें, तो स्पष्ट होगा कि वार्ता ही आगे जाने का एकमात्र साधन है। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच परिणाम देने वाली केंद्रित वार्ता की ओर ध्यान दे रहा है।

इस बात पर जोर देते हुए कि दोनों देशों के बीच चार चरणों की वार्ता हो चुकी है, उन्होंने कहा कि हम आशा कर रहे हैं कि दोनों देश एक-दूसरे से बात करके सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

मलिक ने कहा कि पाकिस्तान का राजनीतिक नेतृत्व भारत से वार्ता प्रक्रिया बहाल करने का निवेदन कर रहा है, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत की प्रतिक्रिया चुप्पी है या नहीं, अभी नहीं, उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह दोनों का मेल है। नहीं, अभी नहीं मीडिया में आई उन खबरों के संदर्भ में है कि पाकिस्तान को मुंबई हमलों की जांच के लिए और कार्रवाई करने की जरूरत है।

दोनों देशों के बीच वार्ता न शुरू होने पर चिंता जताते हुए मलिक ने कहा कि मेरी चिंता इस बात की है कि एक-दूसरे से बात न करके हम ऐसी ताकतों को मजबूत बना रहे हैं जो नहीं चाहतीं कि दोनों देश प्रगति करें। इससे पाकिस्तान में चरमपंथी बल मजबूत और उदार बल कमजोर हो रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या दोनों देशों का आपस में संपर्क नहीं है, उन्होंने कहा कि दोनों देशों के विदेश कार्यालय लगातार संपर्क में हैं, लेकिन जब बात एक समग्र वार्ता की आती है तो सच है कि उस संबंध में कोई संपर्क नहीं है।

पाकिस्तान के मुंबई हमलों की जांच में पर्याप्त कार्रवाई न करने संबंधी प्रश्न पर उन्होंने कहा कि मैं इससे सहमत नहीं हूं, हमले के चार महीने के भीतर फरवरी में सात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मुकदमा जारी है और 10 अक्टूबर को सात आरोपियों के खिलाफ औपचारिक मुकदमा शुरू हो गया है।

पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि उनके देश को उन व्यक्तियों के खिलाफ विश्वसनीय और कार्रवाई योग्य सबूतों का इंतजार है, ताकि मामला मजबूत हो सके और अभियोजकों के दावे को भी मजबूत करे।

मामले में जल्दी न्याय की भारत की मांग पर मलिक ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत को ऐसा न्याय चाहिए, जिसमें जंगल का कानून कायम रहे। पाकिस्तान भी ऐसा नहीं चाहता, आरोपियों को भी अपने सबूत रखने का पूरा अधिकार है।
   
यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के बारे में भारत को कैसे मनाएगा, मलिक ने कहा कि मुझे भारत को नहीं मनाना है, अगर भारत में कोई ऐसा सोचता है कि हम यूं ही उठ कर किसी पर अभियोजन चलाने में सक्षम हैं, ऐसी सोच से कोई मदद नहीं मिलने वाली।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के पाकिस्तान में खुले घूमने के बारे में पूछे जाने पर मलिक ने कहा कि जेयूडी कार्यकर्ताओं की संपत्ति जब्त की गई है। उनकी कार्रवाई पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पाकिस्तान सरकार ने सभी संभव प्रायोगिक कदम उठाए हैं।

पाकिस्तान सरकार के लश्कर प्रमुख हाफिज सईद की रिहाई के खिलाफ अपील न करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि संघीय और पंजाब सरकार ने अदालत के आदेश के खिलाफ अपील की है।

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  • Web Title:पाक को भारत से वार्ता का इंतजार: मलिक