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प्राथमिक शिक्षा में बदलाव चाहते हैं अर्मत्य सेन

प्राथमिक शिक्षा में बदलाव चाहते हैं अर्मत्य सेन

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अर्मत्य सेन का मानना है कि होमवर्क बंद करने और प्राइवेट ट्यूशन को अनावश्यक बनाने के लिए प्राथमिक शिक्षा पाठ्यक्रम की तत्काल समीक्षा की जरुरत है।

पश्चिम बंगाल की प्राथमिक शिक्षा के बदलावों और चुनौतियों पर प्रतीची फाउंडेशन की दूसरी रिपोर्ट को जारी करते हुए सेन ने कहा, ''प्राथमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में तत्काल बदलाव की जरुरत है। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों पर पढ़ाई का बहुत बोझ है। पढ़ाई के बोझ के कारण प्राइवेट ट्यूशन का चलन बढ़ रहा है।''

सेन ने वर्ष 1998 में नोबेल पुरस्कार में मिले धन से प्रतीची फाउंडेशन की स्थापना की। पाठ्यक्रम की समीक्षा की वकालत करते हुए सेन ने शनिवार शाम कहा कि पाठ्यक्रम में केवल आवश्यक चीजें शामिल करनी चाहिएं और शेष को वैकल्पिक बना देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्कूल की समयावधि में शिक्षकों को पाठ्यक्रम को पूरा करने का पर्याप्त समय होना चाहिए। इससे प्राइवेट ट्यूशन का चलन कम होगा।

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