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लाल बत्ती पर जन्म दिया ‘लाल’, अब की बेटे से तौबा

डिलीवरी के लिए समय पर घर से न निकलने से एक गर्भवती महिला और होने वाले बच्चाे का जीवन संकट में पड़ गया। महिला अस्पताल तक नहीं पहुंच पाई और लाल बत्ती के समीप ही ऑटो में बच्चाे को जन्म दे दिया। काफी मशक्कत के बाद डॉक्टर महिला और बच्चाे का जीवन बचा सकी। मां और बच्चाी, दोनों ही स्वस्थ हैं और जिला अस्पताल के महिला विभाग में भर्ती हैं। लड़के की चाहत रखने में तीन लड़कियों की इस मां ने अब लड़के की इच्छा त्याग दी है।


मामला शुक्रवार देर रात का है। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रहने वाली कविता अपने पति के साथ गाजियाबाद में रहती है। कविता की पहले से ही दो बेटियां हैं और बेटे की चाहत में एक बार वह फिर से गर्भवती हुई थी। कविता का पति हरिओम शर्मा रिक्शा चलाता है और परिवार समेत पांच वर्ष पहले नोएडा से गाजियाबाद शिफ्ट हुआ है। कविता ने कहा कि गर्भ का नवां महीना चल रहा था। घर में पेट में तेज दर्द उठा तो पति के साथ अस्पताल को निकली। गाजियाबाद के सरकारी अस्पताल में जान पहचान नहीं होने की वजह से नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल के लिए ऑटो किया। दर्द इतना तेज हो रहा था कि सहा नहीं गया और अस्पताल के समीप की रेड लाइट पर डिलीवरी हो गई। अस्पताल में भर्ती कविता ने कहा कि पहली बेटी अस्पताल में ही हुई थी। दूसरे बच्चाे के समय सास ने घर पर ही डिलीवरी करवाई, जिसमें काफी परेशानी हो गई थी। इसलिए तीसरी बच्चाी के लिए अस्पताल आई। बेटे की आस में तीन बेटियां हो गईं। तीन बच्चाों में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है, चौथा बच्चा अब नहीं चाहिए।

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  • Web Title:लाल बत्ती पर जन्म दिया ‘लाल’