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हजारों नए परमिट, यात्री फिर भी परेशान

आरटीओ ने गाजियाबाद से दिल्ली, नोएडा और बुलंदशहर के लिए 24 रूट बनाए हैं। लेकिन इन रूटों पर बसों की संख्या बहुत कम है। इस मामले में आरटीओ और प्रशासन को कई बार लिखा जा चुका है लेकिन बसों की तादाद बढ़ी नहीं है। जबकि इन रूटों पर आरटीओ की ओर से लगभग हजार बसों के परमिट भी जारी किए गए थे।

हाल ही में की गई जांच में पता चला है कि ज्यादातर बस मालिक इन रूटों पर बस चलाने के बजाए स्कूल के  लिए बस चलाते हैं। आरटीओ की ओर से इस मामले में कार्रवाई भी की गई थी और चार रूटों के लगभग चार सौ बसों के परमिट रद्द कर दिए गए थे।

खास बात यह है कि दिल्ली और नोएडा के लिए पैसेंजरों की तादाद हमेशा काफी रही है। गाजियाबाद में रहने वाले लोग भारी संख्या में नौकरी करने के लिए दिल्ली और नोएडा जाते हैं। आरटीओ की ओर से जब बसों के परमिट जारी किए जा रहे थे तो इस बात का खास ध्यान भी रखा गया था। लेकिन स्कूल बस में ज्यादा फायदा होने के कारण बस प्रबंधक इन रूटों पर बस चलाने में बहुत कम दिलचस्पी लेते हैं। लोगों को आवागमन के लिए ऑटो पर निर्भर होना पड़ता है।

एआरटीओ अजरुन सिंह ने बताया कि ऐसे परमिट धारकों की लगातार चेकिंग की जा रही है जो निर्धारित रूटों पर अपनी बसें नहीं चला रहे हैं। गलत रूट पर चलने वाले बसों का तत्काल परमिट रद्द किया जा रहा है।

 

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