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माया ने दिनाकरन मामले में मनमोहन को लिखा पत्र

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह को आज पत्र लिखकर कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी़डी़ दिनाकरन से संबधित मामलो में उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूरा मौका दिये जाने का अनुरोध किया है ।

प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में मायावती ने कहा कि न्यायमूर्ति दिनाकरन के मामले में नैसर्गिक न्याय के सिद्वान्त की अनदेखी की जा रही है जो किसी तरह से उचित नही है। उन्हें संबंधित प्रकरणों में अपना पक्ष प्रस्तुत करने और सुनवाई का पूरा मौका देने के बाद ही अग्रेतर किसी तरह की कार्यवाही पर विचार किया जाना चाहिए।


 मायावती ने न्यायमूर्ति दिनाकरन के प्रकरण को अति महत्वपूर्ण बताते हुए इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है । उन्होंने कहा कि नैसर्गिक न्याय का सिद्धान्त है कि जिसके भी विएद्ध कोई आरोप लगाया जाता है उसके खिलाफ कोई भी निर्णय करने से पहले उसे अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए।


उन्होंने कहा है कि वर्तमान में न्यायमूर्ति दिनाकरन के प्रकरण में जिस प्रकार से कार्यवाही की जा रही है उसमें उनके द्वारा अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिये बिना और उस पर गंभीरता से विचार किये बिना ही कार्यवाही की जा रही है  जो प्रकरण की महत्ता और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत को देखते हुए उचित नही कही जा सकती है।
    

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि सम्पूर्ण प्रकरण में न्यायमूर्ति दिनाकरन को अपना पक्ष प्रस्तुत करने और सभी तथ्यों पर समुचित ढंग से एवं निष्पक्षता से विचार करने के बाद ही अग्रेतर किसी कार्यवाही पर विचार किया जाये।

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  • Web Title:माया ने दिनाकरन मामले में मनमोहन को लिखा पत्र