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उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामेदार रहेगा

उत्तरांखड विधानसभा का शीतकालीन सत्र21 दिसम्बर सोमवार से शुरु हो रहा है। सरकार के खिलाफ विपक्ष के तेवरों को देखते हुए इसके हंगामेदार रहने की संभावना है। विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस कल 20 दिसम्बर को विधायक दल की बैठक में अपनी रणनीति को अंतिम रुप देगी लेकिन नेता प्रतिपक्ष हरकसिंह रावत का कहना है कि सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उनका दल राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था और वित्तीय संकट पर सरकार को घेरने के साथ ही पदों में कटौती और कर्मचारियों की वेतन सम्बन्धी मांगों को जोरशोर से सदन में उठायेंगे। इसके लिए वाकआउट प्रदर्शन जैसे सभी लोकतांत्रिक तरीके अपनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में अपनी बात रखने के लिए विपक्ष को सदन में अधिक समय दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को राज्य की वित्तीय स्थिति और केन्द्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता के बारे में श्वेतपत्र जारी करना चाहिए। इस बारे में उन्होंने कल मुख्यमंत्री डा.रमेशपोखरियाल से मुलाकात के दौरान चर्चा भी की है।

कांग्रेस के साथ ही विपक्षी दल बहुजन समाज पार्टी ने भी सरकार को घेरने के लिए कमर कस ली है। बसपा नेता नारायण पाल का आरोप है कि विधायकों को उनकी निधि का पैसा नहीं मिल रहा है। जिससे उनके क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति चरमरा गई है कर्मचारी अपने वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं वहीं श्रमिकों की समस्याओं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही हैं। नदियों में खनन कार्य पर रोक लगा दिए जाने से मजदूरों और अन्य लोगों के सामने रोजी रोटी की समस्या पैदा हो गई है। इन सब मुद्दों को उनकी पार्टी सदन में जोरशोर से उठाएगी।

दूसरी तरफ सरकार ने वर्ष 2009-10 को प्रथम अनुपूरक अनुदान सदन में पेश करने की तैयारी कर ली है। इसी के साथ पांच छह अन्य विधेयक लाए जाने की संभावना है। विधानसभा में संविधान के 109वें संशोधन को समर्थन भी दिया जाएगा। सत्र के लिए विधायकों के करीब 390 प्रश्न और 35 अल्पसूचित सूचनायें विधानसभा कार्यालय को प्राप्त हुई हैं। यह विधानसभा सत्र चार दिन ही चलने की उम्मीद है।

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