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नाटकीय रहे आखिरी घंटे, अमेरिका-चार बेसिक देशों में समझौता

नाटकीय रहे आखिरी घंटे, अमेरिका-चार बेसिक देशों में समझौता

कोपेनहेगन सम्मेलन के आखिरी कुछ घंटे काफी नाटकीय रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा जब चीन के प्रधानमंत्री से मुलाकात को पहुंचे तो वहां भारत के प्रधानमंत्री के अलावा ब्राजील के राष्ट्रपति और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति पहले से ही मौजूद थे। ओबामा के अचानक पहुंचने से सभी चौंक गए।

शिखर सम्मेलन के मसौदे पर जिस वक्त उम्मीद खत्म हो रही थी अचानक शुक्रवार की रात घटनाओं ने नाटकीय मोड़ लिया और एक राजनीतिक समझौता अमेरिका और चार बेसिक देशों के बीच हुआ।

किसी समझौते पर पहुंचने के ओबामा के आखिरी प्रयासों के लिए बेला सेंटर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित दुनिया के कई नेताओं को हवाई अड्डे से लौटना पड़ा।

ओबामा चीनी नेता वेन जियाबाओ के साथ सीधी बातचीत के लिए उत्सुक थे। कोपेनहेगन में उनके और व्हाइट हाउस की टीम के लिए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं था जब वह वेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए गए तो वहां दुनिया के तीन अन्य नेता चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ, मनमोहन सिंह, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जूमा पहले से ही मौजूद थे।

बाद में अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि हमारे इतिहास में यह एक चौंकाने वाली बात रही कि उस कमरे में न केवल चीनी बल्कि सभी चार देश बैठक कर रहे थे जिनके साथ हम बैठक का इंतजाम करने की कोशिश कर रहे थे।

ओबामा ने चीनी प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय बातचीत के बाद भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ संयुक्त बैठक का कार्यक्रम बनाया था लेकिन लगता है कि चारों देश उनसे एक साथ मिलना चाहते थे अलग अलग नहीं।
चीनी टीम शुरुआत में बैठक के लिए अनिच्छुक थी और उसने व्हाइट हाउस के अधिकारियों को बताया कि टीम के अधिकांश अधिकारी पहले ही हवाई अड्डे में हैं और वेन होटल में जाने की तैयारी कर रहे हैं। जब उन्होंने भारतीय टीम से सम्पर्क किया तो पता लगा सिंह हवाई अड्डे पर हैं। यह घटनाक्रम स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे के आसपास घटा।

प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि जब ब्राजील से सम्पर्क किया गया तो व्हाइट हाउस को बताया गया कि भारत के बिना बैठक संभव नहीं है। इस बीच व्हाइट हाउस को चीनी टीम से सूचना मिली कि स्थानीय समयानुसार सवा छह बजे से सात के बीच वेन द्विपक्षीय बातचीत करना चाहते हैं। ओबामा राजी हो गए और इस बीच यूरोपीय नेताओं से सम्पर्क करने लगे।

और जब ओबामा ने वेन से बातचीत के लिए वेला सेंटर के कमरे में प्रवेश किया तो समूचा व्हाइट हाउस यह देखकर भौचक्का रह गया कि वेन की भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के साथ बातचीत चल रही थी। इससे भी हैरानी वाली बात यह थी कि जैसा ओबामा को खुद कहते हुए बताया गया कि उनके लिए कुर्सी नहीं थी। बैठक की तस्वीरों में भी यह परिलक्षित हुआ कि कोई सीट वहां खाली नहीं थी।

ओबामा ने कहा नहीं चिंता की बात नहीं है, मैं अपने मित्र लूला के बगल में बैठ जाउंगा। और कहा हाय लूला। फिर वह खुद एक कुर्सी खींच लाए और लूला के बगल में बैठ गए। विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन उनके बगल में बैठ गईं।

इसके बाद स्थानीय समयानुसार शाम करीब सात बजे बैठक शुरू हुई और सवा आठ बजे के आसपास खत्म हुई।
प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा उस समय वाकई हमारी धारणा थी कि उनमें से कई या तो हवाई अड्डे पर हैं या रवाना हो चुके हैं। और जब चीनी अधिकारियों ने व्हाइट हाउस को बताया कि द्विपक्षीय बातचीत होगी तो यह संकेत नहीं दिया कि उस कमरे में ये सभी नेता मौजूद हैं।

अधिकारी ने बताया कि ईमानदारी से कहें तो जब बैठक का समय सवा छह बजे शाम से सात बजे किया गया तो उस वक्त तक पता नहीं था कि वहां केवल वेन ही बैठक की तैयारी नहीं कर रहे थे बल्कि सभी चार देशों के नेता मौजूद थे। उसने बताया कि नि:संदेह वह एक टीम के रूप में काम कर रहे थे। उनके एक से हित थे कि इस बारे में कोई शक नहीं।

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