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पुलिस भर्ती कराने के मामले में आरोपित की गिरफ्तारी पर रोक

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने धन लेकर पुलिस विभाग में फालोअर की नियुक्ति करने के आरोपित व प्रदेश के एक अपर पुलिस महानिदेशक डीपी सिन्हा के पुत्र रीतेश सिन्हा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही न्यायालय ने राज्य सरकार से जवाब भी माँगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति यतीन्द्र सिंह एवं न्यायमूर्ति एसके त्रिपाठी की खण्डपीठ ने रीतेश सिन्हा की याचिका पर पारित किया है।

याचिका के अनुसार आपराधिक शाखा (पुलिस) के सहारनपुर के प्रभारी प्रशान्त कपिल ने शाहजहाँपुर के सदर बाजार थाने में 7 दिसम्बर 09 को एक प्राथमिकी लिखाई थी। इस प्राथमिकी के आधार पर फालोवरों की भर्ती मामले में नौकरी दिलाने के आरोप में धूमसिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था।

धूम सिंह ने बाद में अपने बयान में बताया कि यह काम आईपीएस अधिकारी के पुत्र आरोपित रीतेश के कहने पर करता था। इस आधार पर अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उसका कहना है कि उसके द्वारा रुपये लिए जाने का किसी अभ्यर्थी ने आरोप नहीं लगाया है। उसे इस मामले में झूठा फँसाया जा रहा है।

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  • Web Title:आरोपित की गिरफ्तारी पर रोक