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जब बवाल होते-होते बचा

राजभवन के ठीक सामने स्थित विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह में आयोजित अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के कार्यक्रम के दौरान उ.प्र.मदरसा मिनी आईटीआई अनुदेशक व कार्मिक एसोसिएशन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता नारे लिखी तख्तियां लिए आ पहुँचे और प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण बी.एम.मीणा के भाषण के दौरान नारेबाजी करने लगे।

इन लोगों की मांग थी प्रदेश के 140 मदरसा मिनी आईटीआई में कार्यरत लगभग 700 अनुदेशकों व कार्मिकों का विनियमितीकरण किया जाए। इस मुद्दे पर जब प्रमुख सचिव श्री मीणा ने सफाई देनी शुरू की तो माहौल गर्म हो उठा और बवाल होने की नौबत आ गई।

बाद में मंच पर मौजूद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू ने उक्त संगठन के प्रांतीय महामंत्री राजेश तिवारी को अपनी बात कहने के लिए मंच पर बुलाया।

श्री तिवारी ने अपना मसला विस्तार से रखा। इसके बाद फूल बाबू ने घोषणा की कि इस मुद्दे पर एक कमेटी गठित होगी जिसमें वह स्वयं, प्रमुख सचिव, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन आदि शामिल होंगे।

कमेटी विचार के बाद मसले का हल लेकर मुख्यमंत्री के पास जाएगी और उनसे मंजूरी दिलवाने की कोशिश करेगी। इसी कार्यक्रम में पिछले दिनों बेगम हजरत महल पार्क के पास प्रदर्शन कर रहे मोअल्लिम उर्दू शिक्षकों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठा।

बाकायदा नारेबाजी हुई। दोषी अफसरों को सजा दिए जाने की मांग उठी। मंत्री ने इस पर भी पुख्ता कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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