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वनडे में भी सचिन के बीस साल पूरे

वनडे में भी सचिन के बीस साल पूरे

पिछले दो दशक से भारतीय बल्लेबाजी की धुरी रहे सचिन तेंदुलकर ने शुक्रवार को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में मैदान पर कदम रखते ही वनडे क्रिकेट में भी बीस साल पूरे किए और इस मुकाम पर पहुंचने वाले वह दुनिया के केवल दूसरे खिलाड़ी हैं।

तेंदुलकर ने पिछले महीने श्रीलंका के खिलाफ ही पहले टेस्ट मैच में उतरकर टेस्ट क्रिकेट में 20 साल पूरे किए थे। वह टेस्ट मैचों में सर्वाधिक 30 साल 315 दिन तक खेलने वाले विल्फ्रेड रोड्स का रिकार्ड तो नहीं तोड़ पाएंगे लेकिन वनडे क्रिकेट में अगले साल ही उनके नाम पर सबसे लंबे कैरियर का रिकार्ड दर्ज हो जाएगा। अभी यह रिकार्ड पाकिस्तान के जावेद मियांदाद के नाम पर है जिनका वनडे कैरियर 20 साल 272 दिन तक चला था।

भारत के इस महान बल्लेबाज ने अपना पहला मैच 18 दिसंबर, 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ गुजरांवाला में खेला था। खराब मौसम के कारण यह मैच 16-16 ओवर का कर दिया गया था। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 87 रन बनाए। भारतीय शीर्ष क्रम लड़खड़ा गया और तेंदुलकर को जल्द ही पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी का मौका मिल गया।

तेंदुलकर के लिए यह मैच यादगार नहीं रहा। वह केवल दो गेंद खेल पाए और वकार यूनुस की गेंद पर वसीम अकरम को कैच थमाकर बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। यह भी संयोग है कि जब तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था तो उन्हें पहली बार वकार ने ही आउट किया था।

तेंदुलकर को इसके बाद बाकी बचे दो वनडे मैच में अंतिम एकादश में जगह नहीं दी गई लेकिन चयनकर्ता उन्हें लंबे समय तक टीम से बाहर नहीं रख पाए। शुरू में हालांकि वह टेस्ट मैचों में अधिक सफल रहे और यही वजह है जहां टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने नौवें मैच में ही शतक जड़ दिया था वहीं वनडे में तिहरे अंक तक पहुंचने के लिए उन्हें 79वें मैच तक इंतजार करना पड़ा।

यह मैच नौ सितंबर, 1994 को आस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में खेला गया था जिसमें तेंदुलकर ने 110 रन बनाए थे। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ उसी वर्ष मार्च में वह सलामी बल्लेबाज के रूप अवतरित हुए थे और उन्होंने आकलैंड में खेले गए इस मैच में 82 रन की तूफानी पारी खेली थी। बस यह शुरुआत थी और तेंदुलकर फिर वनडे में भारत के नियमित ओपनर बन गए।

तेंदुलकर ने नागपुर मैच से पहले तक 426 मैच में 45 शतक और 92 अर्धशतक की मदद से 17247 रन बनाए। इनमें से 314 मैच उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में खेले जिसमें उनके नाम पर 41 शतक सहित 14131 रन दर्ज हैं। भारत ने तेंदुलकर की मौजूदगी में रिकार्ड 218 मैच जीते हैं जिनमें इस स्टार बल्लेबाज ने दस हजार से अधिक रन बनाए।

तेंदुलकर ने वैसे जब अपने वनडे कैरियर का आगाज किया था तो उनके साथ सलिल अंकोला और विवेक राजदान ने भी पदार्पण किया था। अंकोला का कैरियर सात साल चला लेकिन इस बीच उन्हें केवल 20 वनडे खेलने को मिले जबकि राजदान का कैरियर तो साल भर भी नहीं चल पाया और उन्होंने केवल तीन मैच खेले।

तेंदुलकर अभी वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बीस साल पूरे करने वाले दूसरे क्रिकेटर हैं लेकिन श्रीलंका के सनथ जयसूर्या जल्द ही इसमें अपना नाम लिखवा देंगे। जयसूर्या जब वर्तमान वनडे सीरीज का दिल्ली में होने वाला अंतिम मैच खेलेंगे तो इसके साथ ही उनके न सिर्फ वनडे में बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी बीस साल पूरे हो जाएंगे।

जहां तक भारत से वनडे क्रिकेट में सबसे लंबे कैरियर का सवाल आता है तो तेंदुलकर के बाद अनिल कुंबले है जिनका कैरियर 25 अप्रैल, 1990 से 19 मार्च 2007 तक कुल 16 साल 328 दिन तक चला। उनके बाद कपिल देव (16 साल 16 दिन), सौरव गांगुली (15 साल 308 दिन), दिलीप वेंगसरकर (15 साल 266 दिन), मोहम्मद अजहरूद्दीन (15 साल 135 दिन) और मोहिंदर अमरनाथ (14 साल 145 दिन) का नंबर आता है।

मियादाद के नाम पर एक और रिकार्ड है, छह विश्व कप में खेलने का। तेंदुलकर 2011 में भारतीय उपमहाद्वीप में होने वाले विश्व कप में इसकी बराबरी कर लेंगे। मियादाद ने हालांकि अपने कैरियर में कुल 233 वनडे मैच खेले जिनमें उन्होंने 41.70 की औसत से 7381 रन बनाए।

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