class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अपर गंगनहर वे में नौ हजार पेड़ों की बलि

अपर गंग नहर की दायीं पटरी पर बनने वाले एक्सप्रेस हाइवे के निर्माण में नौ हजार से ज्यादा पौधों की बलि चढ़ जाएगी। वन विभाग ने वहां खड़े पेड़ों का सर्वे तो कर लिया है। लेकिन किस प्रजाति के कितने पौधे हैं,और उन पेड़ों की गोलाई कितनी है,दोनों बिन्द़ुओं पर अलग-अलग रिपोर्ट मांगी गई है।

मेरठ मंडल के कमिश्नर के आदेश के बाद वन विभाग अब दोबारा से सर्वे करेगा,फिलहाल इस एक्सप्रेस वे के रास्ते में कुल 9149 पौधे आ रहे हैं। डीएफओ यशपाल मलिक ने बताया कि निवाड़ी से देहरा गांव तक गंगनहर की पटरी पर बनने वाले 17 किमी लंबी एक्सप्रेस वे के लिए पेड़ों की सर्वे सूची तैयार है लेकिन अब नए सिरे से पेड़-पौधों की प्रजाति और गोलाई को आधार बनाकर विभागीय कर्मचारियों को सर्वे करने के आदेश दिए गए हैं। दो दिन के अंदर यह सूची बन जाएगी। मलिक ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिकता के आधार पर अपर गंग नहर एक्सप्रेस वे का निर्माण कराया जा रहा है। आठ लेन के इस रोड में आने वाले सभी प्रजातियों के पौधों की सूची बनाकर शीघ्र ही भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संरक्षित व को काटने के लिए केन्द्र के पर्यावरण मंत्रलय ेस मंजूरी लेनी पड़ेगी। सर्वे के बाद एनओसी के लिए प्रस्ताव केन्द्रीय मंत्रलय को भेजा जाएगा। क्योकि आरक्षित व संरक्षित वन को काटने की अनुमति वहीं से दी जाती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अपर गंगनहर वे में नौ हजार पेड़ों की बलि