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बंगाल के हस्तशिल्पियों की कला ने किया कायल

किसी भी काम को कड़ी मेहनत और लगन से किया जाए तो सफलता उसके कदम जरूर चूमती है। ऐसा एक नजारा कवि नगर रामलीला मैदान में चल रहे हस्तशिल्प मेले में देखने को मिला। पश्चिम बंगाल से आए हस्तशिल्पी मीता भक्त व प्रशांता दे के मेले में लगाए ईको फ्रेंडली जूट स्लीपर के स्टॉल को लोगों द्वारा सराहा जा रहा है।


स्टॉल पर जुट रही ग्राहकों की भीड़ को दोनों हस्तशिल्पी उनकी और कलाकारों की रात-दिन की जी-तोड़ मेहनत का परिणाम मानते हैं। कलकत्ता से आई हस्तशिल्पी मीता भक्त ने बताया कि जूट के स्लीपर सौ प्रतिशत नेचुरल व नेचर फेंडली है। जूट के इन स्लीपर को पहनने से न तो कोई साइड इफेक्ट होता है और न ही एलर्जी होती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका स्टाइलिस व लाइटवेट होना है। जिसकी वजह से लोग इसे पहनना पंसद करते हैं। उनके स्टॉल में महिलाओं के लिए 18 प्रकार के व पुरुषों के लिए 7 स्लीपर मौजूद हैं। मेले में स्लीपर के रेट फ्लेट 150 रुपए रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि मेले के साथ जूट के स्लीपर की यूपी, दिल्ली व मध्यप्रदेश में सबसे अधिक डिमांड है।


पश्चिम बंगाल से ही आए दूसरे हस्तशिल्पी प्रशांता दे ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले कच्चे माल के दाम दोगुना बढ़ गए हैं। इसके चलते उन्हें पिछले दिनों कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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