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गंगा को साफ-सुथरा रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू

प्रशासन ने गंगा को मैली करने वालों के खिलाफ निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अपर जिलाधिकारी (नगर) अटल कुमार राय ने गुरुवार को दो महीने के लिए धारा-144 लागू की। अब कोई भी व्यक्ति गंगा में साबुन लगाकर न नहाएगा और न कपड़े साफ करेगा। नदी में पॉलीथीन फेंकने वालों की भी खैर नहीं। इसके साथ ही गंगा में जानवरों को नहलाने वाले भी जेल जाएंगे। ज्ञात हो कि अभी तक नगर निगम प्रशासन ही गंगा को साफ रखने की जिम्मेदारी निभाता आ रहा था लेकिन उसे सिर्फ जुर्माना वसूलने का ही अधिकार था।


यहां जारी आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति गंगा में गंदगी नहीं फेंकेगा। आदिकेश्वर घाट से लेकर सामने घाट (न्याय घाट) तक यह प्रतिबंध लगाया गया है। इस बीच कहीं कोई व्यक्ति अपने जानवरों को गंगा में नहलाएगा तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। नदी में पॉलीथीन और अन्य ठोस अपशिष्ट फेंकने पर रोक लगाई गई है। कोई भी व्यक्ति नदी में ऐसी सामग्री नहीं फेंकेगा जिससे जनता के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचे। गंगा में मृत लोगों के अलावा मरे हुए जानवरों को फेंकने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अधजले शव भी गंगा में प्रवाहित नहीं किये जाएंगे। पुलिस के लोग भी अज्ञात शवों का विसजर्न नहीं कर सकेंगे।

जिलाधिकारी एके उपाध्याय ने साफ कह दिया है कि अब गंगा के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गंगा में गंदगी फेंकने वालों को रोकने का कार्य जल पुलिस और पर्यटन पुलिस करेगा। क्षेत्र के थानेदारों को भी गंगा मैली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य में एनसीसी के कैडेटों और स्काउट गाइड की सहायता लेने को कहा गया है। श्री उपाध्याय ने गंगा को साफ-सुथरा रखने की मानिटरिंग की जिम्मेदारी एसपी सिटी विजय भूषण को सौंपी गई है। आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है जो लोग निषेधाज्ञा तोड़ेंगे उनके खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई जाएगी।

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