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झारखंड गये परिवहन निगमकर्मियों का भविष्य अधर में

बिहार से झारखंड गये परिवहन निगमकर्मियों का भविष्य अधर में दिख रहा है। एक ओर बिहार ने परिवहन निगम के पुनर्गठन की जिम्मेदारी आईएल एण्ड एफएस को सौंप दी है। दूसरी ओर झारखंड में इस मामले पर कुछ भी तय नहीं हो पा रहा है। वहां की सरकार नया निगम बनाने से लेकर कर्मियों को वीआरएस देने और विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ित के विचारों में ही उलझी है। इस बाबत बिहार को भेजे गये सकरुलर में झारखंड ने अपने इरादे का इजहार किया है। नतीजा रांची में योगदान करने के बाद भी बिहार के 21र्मचारी असमंजस में हैं।ड्ढr ड्ढr सूत्रों के अनुसार झारखंड के परिवहन सचिव ने बिहार को यह सूचना दी है कि अगर वहां नया निगम नहीं बना तो छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को विभिन्न विभागों, निगमों और प्राधिकारों में तैनात किया जायेगा। ऐसा नहीं होने पर निगमकर्मियों को वन टाइम सेटलमेन्ट स्कीम के तहत एकमुश्त राशि का भुगतान कर वीआरएस दे दिया जायेगा। हालांकि इसके लिए 250 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी। सूत्रों के अनुसार बिहार से गये कर्मचारियों में अनेक ऐसे हैं जिनकी नौकरी छह माह से साल भर ही बची है। उनके लिए तो वीआरएस लाभदायक रहेगा लेकिन जिनकी कई साल की नौकरी बनी है, वह झारखंड के सकरुलर से सकतेमें हैं।

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