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महिला आरक्षण विधेयक मूल रूप में पारित करने की सिफारिश

महिला आरक्षण विधेयक मूल रूप में पारित करने की सिफारिश

संसद की एक स्थायी समिति ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने संबंधी विधेयक को उसके मूल रूप में ही पेश करने की गुरुवार को सिफारिश की और उम्मीद जताई कि इसे संसद के बजट सत्र में पारित कर दिया जाएगा।

जयंती नटराजन की अध्यक्षता वाली कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी स्थायी समिति ने महिला आरक्षण विधेयक पर छत्तीसवां प्रतिवेदन राज्यसभा में पेश किया।

बाद में नटराजन ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि समिति का स्पष्ट मत है कि महिला आरक्षण विधेयक को उसके मूल रूप में पारित किया जाए, जिसका उद्देश्य संसद और प्रत्येक राज्य की विधानसभाओं की वर्तमान संख्या की एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना है।

उन्होंने कहा कि विधेयक में लोकसभा और प्रत्येक राज्य की विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित सीटों सहित महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट के आरक्षण का प्रस्ताव है। समिति में विधेयक पर किसी तरह का विरोध सामने आने के बारे में पूछे जाने पर नटराजन ने कहा कि 31 सदस्यों वाली स्थायी समिति में दो सदस्यों की ओर से विरोध के स्वर उठे। दोनों समाजवादी पार्टी के सदस्यों का विचार आरक्षण प्रतिशत को 20 प्रतिशत करने का था।

समिति ने महिला आरक्षण लागू होने की तिथि से 15 वर्षों की अवधि की समाप्ति के बाद इसके प्रभावी नहीं रहने की भी सिफारिश की है।

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  • Web Title:महिला आरक्षण विधेयक मूल रूप में पारित करने की सिफारिश