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मेडिकेटेड कॉस्मेटिक आइटम होंगे सस्ते

व्यापारियों और महिलाओं के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने व्यापारियों की मांग को देखते हुए कॉस्मेटिक आइटमों पर टैक्स कम करने का मन बना लिया है, पर सभी सौन्दर्य प्रसाधन पर नहीं। केवल उन्हीं वस्तुओं पर टैक्स में कमी की जाएगी जो ड्रग्स एवं मेडिसिन एक्ट के माध्यम से बनायी गई औषधि युक्त हो। अब ऐसे आइटमों पर 12.5 की जगह 4 प्रतिशत टैक्स करने जा रही है।


कई कंपनियों ने सरकार से मांग की थी कि बंगाल की तर्ज पर बिहार में भी दवा संबंधित सौन्दर्य प्रसाधन की वस्तुओं पर उसी के अनुरूप वैट लगना चाहिए। व्यापारियों का कहना था कि दोनों राज्यों की वैट दर सूची में अंतर यह है कि राज्य में कोई भी सौन्दर्य प्रसाधन, इत्र सुगंधी प्रसाधन एवं केश तेल में औषधीय गुण है, उन्हें मेडिसिन की सूची से बाहर रखा गया है जबकि पश्चिम बंगाल में मेडिसिन एवं ड्रग्स से संबंधित सूची में उसका उल्लेख नहीं है।


राज्य में एक अप्रैल 2005 से वैट लगने के बाद इस तरह के कॉस्मेटिक आइटमों पर 12.5 प्रतिशत वैट लगता है, जबकि पड़ोसी राज्यों में दवा पर जितना वैट लगता था उतना ही वैट औषधि संबंधित तेल, क्रीम एवं पॉउडर पर लिया जा रहा था। ऐसी स्थिति में व्यापारी अपने राज्य से सामान खरीदने की बजाए पड़ोसी राज्य से इस तरह के आइटम खरीद लेते थे। इससे यहां के व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा था। पर अब सरकार ने मंगलवार को तय कर लिया है कि बंगाल के तर्ज पर अब बिहार में भी वे सभी कॉस्मेटिक आइटम जिसमें औषधीय गुण है और वह ड्रग्स एण्ड मेडिसिन एक्ट के तहत उत्पादित किया गया हो तो उस पर दवा के अनुरूप 4 प्रतिशत ही वैट लगेगा। बताया जाता है कि सरकार जल्द ही इस बारे में अधिसूचना निकालेगी।

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  • Web Title:मेडिकेटेड कॉस्मेटिक आइटम होंगे सस्ते