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अब सलाखों के पीछे भी डिग्री-डिप्लोमा

 जेल में सजा काट रहे कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने शिवपुर स्थित सेंट्रल जेल में स्टडी सेंटर खोला है। उच्च शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रमों की कक्षाएं जेल में ही चलेंगी और परीक्षा भी जेल परिसर में ही आयोजित की जाएंगी।


सेंट्रल जेल में इग्नू का स्टडी सेंटर खोलने के बाबत मंगलवार को समझौता हुआ। इग्नू की क्षेत्रीय निदेशिका डा. मनोरमा सिंह व सेंट्रल जेल के सीनियर सुपरिटेंडेंट सुरेश चन्द ने मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये। फिलहाल जेल में बीए, बीकॉम, बैचलर्स प्रिपरेटरी प्रोग्राम (बीपीपी), सर्टिफिकेट इन फूड एण्ड न्यूट्रिशन (सीएफएन), डिप्लोमा इन न्यूट्रीशन एण्ड हेल्थ एजुकेशन (डीएनएचए) व डिप्लोमा इन टूरिज्म स्टडीज (डीटीएस) पाठ्यक्रम चलाए जाने पर सहमति बनी है। इग्नू की क्षेत्रीय निदेशिका डा. मनोरमा सिंह ने बताया कि जुलाई सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया एक-दो महीने में शुरू कर दी जाएगी। एमओयू की एक प्रति इग्नू के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय भेज दी जाएगी। कैदियों के लिए फीस में भी कुछ छूट पर भी विचार किया जा रहा है।


डा. सिंह ने बताया कि इन पाठय़कमों की कक्षाएं जेल में ही चलेंगी और इग्नू की ओर से शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। परीक्षाएं भी जेल परिसर में ही कराई जाएंगी। सेंट्रल जेल के जेलर एसएन द्विवेदी ने बताया कि विभिन्न धाराओं के तहत जेल में लगभग 1800 कैदी निरूद्ध हैं। कुछ कैदी इग्नू के माध्यम से दूरस्थ शिक्षा ग्रहण कर रहे है लेकिन अब जेल में ही स्टडी सेंटर खुलने से कैदियों में उच्च शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ेगा।

 

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