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राणा को जमानत नहीं, भाग जाने की आशंका

राणा को जमानत नहीं, भाग जाने की आशंका

पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा को अदालत ने मंगलवार को यह कहते हुए जमानत देने से इंकार कर दिया कि अगर उसे जमानत पर रिहा किया गया तो उसके देश से भाग जाने का खतरा है।

राणा पर अमेरिका के बाहर आतंकवादी हमले करने का षडयंत्र रचने का आरोप है। अमेरिकी मजिस्ट्रेट नैन नोलैन ने फैसला सुनाते हुए राणा से कहा मुझे पूरा विश्वास है कि आप निराश होंगे। लेकिन आप जो कुछ अच्छा कर रहे हैं, उसे करते रहिये।

फैसले के बाद राणा ने अपने वकील से हाथ मिलाया। अदालत परिसर से बाहर ले जाने से पहले उसे हथकड़ी लगा दी गई। नालैन ने कहा कि राणा के भाग जाने का खतरा है क्योंकि कनाडा के साथ उसके पारिवारिक रिश्ते हैं। उसके पिता और भाई बहन कनाडा में रहते हैं। अमेरिका के साथ उसके रिश्ते कनाडा जैसे गहरे नहीं हैं।

राणा को एफबीआई ने अक्टूबर में गिरफ्तार किया था। उस पर उसके साथी डेविड कोलमेन हेडली के साथ मिल कर डेनमार्क के एक अखबार पर हमले का षडयंत्र रचने का आरोप है।

अमेरिकी अभियोजकों ने सोमवार को नए दस्तावेज दाखिल किए जिसमें कहा गया है कि 48 वर्षीय राणा को मुंबई हमलों की पहले से जानकारी थी। उसने हमले को लेकर आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयेब्‍बा की सराहना भी की थी।

नोलैन ने कहा कि राणा के बहुत से अंतरराष्ट्रीय संपर्क हैं और उसने अमेरिका के बाहर दुबई, चीन, भारत, ब्रिटेन, जर्मनी और सउदी अरब जैसे देशों की असंख्य बार यात्रा की है। जज ने कहा कि राणा के पास 15 लाख डॉलर से भी ज्यादा की राशि के अलावा अहम आर्थिक संसाधन हैं, जिनका उपयोग वह देश से बाहर भागने में कर सकता है।

जज ने इस बात पर भी जोर दिया कि चूंकि राणा आव्रजन मामलों से जुड़ा व्यवसाय चलाता था, इसलिए उसके पास इसमें विशेषज्ञता और भागने के बारे में ज्यादा जानकारी होगी। नोलैन ने 45 मिनट की सुनवाई के बाद कहा कि इन सभी कारणों के चलते राणा के भागने का बहुत अधिक खतरा है।

सुनवाई के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राणा के वकील पैट्रिक ब्लेगन ने कहा कि उनका मुवक्किल निश्चित तौर पर इससे व्यथित है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के साए में भी उसकी मनोस्थिति अच्छी है।

ब्लेगन ने कहा लेकिन ऐसे में भी वह और मैं दोनों ही अपना पूरा ध्यान आगे की उस स्थिति की ओर लगाए हुए हैं, कि हमें अदालत में बोलने का मौका मिलने पर हम अपने आरोपों का खंडन करेंगे।

क्या डेविड हेडली के सहयोग का राणा के मामले पर कोई प्रभाव पड़ेगा, के जवाब में ब्लेगन ने कहा हेडली जांच में सहयोग कर रहा है। मुझे नहीं पता कि क्या वह राणा के खिलाफ सहयोग कर रहा है।

राणा के परिवार ने उसे रिहा करने के ऐवज में लाखों डॉलर जमानत देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन जज ने कहा कि यह पर्याप्त नहीं है। सरकार का तर्क था कि राणा को मुकदमे के दौरान हिरासत में रखा जाना चाहिए क्योंकि वह समुदाय के लिए एक खतरा हो सकता है और उसके भागने का खतरा है।

नोलैन ने कहा कि राणा को 30 साल तक की सजा हो सकती है और यह भी उसके भागने का एक उद्देश्य बन सकता है। जज ने कहा कि वह इस बात से भी सहमत नहीं हैं कि राणा को डेनमार्क के अखबार के खिलाफ षडयंत्र के संबंध में हेडली ने धोखा दिया। राणा पर अभी तक मुंबई हमलों से संबंधित आरोप नहीं लगाए गए हैं।

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