अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मिलावट और न्याय

दूध में यूरिया मिलाकर बेचने पर आजीवन कारावास की सजा होना जनस्वास्थ्य के लिए न्याय का बड़ा संदेश है। दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सत्र न्यायाधीश की अदालत से मिली यह सजा आगे बदली भी जा सकती है लेकिन उससे इस मुद्दे का महत्व घटेगा नहीं। इस सजा के लिए जज महोदय को बधाई दी जानी चाहिए कि उन्होंने 1954 के खाद्य मिलावट निरोधक अधिनियम में कुछ साल पहले हुए संशोधन के महत्व को भली-भांति समझा और उसमें दी गई अधिकतम सजा के विधान को लागू किया।

जब कोई व्यक्ति दूध और मावा में यूरिया मिलाकर उसे बेच रहा है तो वह किसी एक से अदावत नहीं निकाल रहा होता है। बल्कि वह बिना किसी अदावत के महज मुनाफे के लिए जानबूझकर सारे समाज के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा होता है। उसके शिकार दुधमुंहे बच्चे, लाचार बूढ़े और मरीज सभी हो सकते हैं। एक तरह से यह समाज के खिलाफ किया जाने वाला अपराध है और इसकी अधिकतम सजा देकर जज ने बता दिया है कि कानून अब ऐसी हरकतों को सहन नहीं करेगा। लेकिन यह संदेश तब सार्थक होगा जब खाद्य मिलावट अधिनियम के प्रति समाज और सरकार में पर्याप्त जागरूकता और चुस्ती आए।

अक्सर होली और दीवाली के मौके पर मिठाइयों में मिलावट या फिर नकली दूध की फैक्ट्री पकड़े जाने के समाचार आते हैं, लेकिन उसके बाद यह नहीं पता चलता कि ऐसा करने वालों का क्या हुआ। जाहिर है या तो अभियुक्त छूट जाते हैं या फिर कार्रवाई ही नहीं शुरू होती। हाल में समृद्धि और सफाई की तरफ बढ़ रहे भारत में खाने-पीने की चीजों का स्वास्थ्य सम्मत स्तर तय करना एक बड़ी चुनौती है। अव्वल में तो हमारे यहां जो स्तर तय है, वही यूरोप वगैरह के स्तर से काफी नीचे है।

इसीलिए जब कोई शोध संस्थान यह बताता है कि शीतल पेय या सब्जी में कीटनाशक की घातक मात्र मिली है तो हमारे पैमाने पर उसे क्षम्य माना जाता है, लेकिन इस निम्न स्तरीय पैमाने को भी जब विधिवत लागू नहीं किया जाता तो उच्च स्तरीय पैमाने को कैसे लागू किया जाएगा? इस कानून को लागू करने की चुनौती इसलिए बड़ी है क्योंकि मिलावट अगर व्यक्ति करता है तो उसे राजनीतिक संरक्षण मिलता है और अगर कंपनी करती है तो उसका गांठ काफी मजबूत होती है। आज मिलावट के मामले पर ऐसा ही न्याय करने की जरूरत है कि दूध और यूरिया कभी एक न हो पाएं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मिलावट और न्याय