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अब सरकारी खर्चे पर घूमेंगे स्कूली बच्चों

हरियाणा के सरकारी स्कूलों के बच्चों अब सरकारी खर्चे पर एजुकेशन टूर का आनंद ले सकेंगे। राज्य सरकार ने गहन-विचार-विमर्श के  बाद स्कूलों के लिए स्पेशल टूर पॉलिसी तैयार की है। सरकारी स्कूलों के नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्र्थी  इस योजना का लाभ ले सकेंगे।

हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने मंगलवार को यहां इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार की ओर से इस योजना के तहत 11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस बजट में से राज्य के सभी स्कूलों का हिस्सा तय कर स्कूलों को इसकी स्वीकृति भेज दी गई है। स्कूलों को यह राशि 31 जनवरी, 2010 से पहले खर्च करनी होगी।

उन्होंने बताया कि भ्रमण स्थल स्कूल की परिधि से 100 किलोमीटर की दूरी के अंदर-अंदर होना चाहिए, ताकि विद्यार्थी उसी दिन सायंकाल तक घर आ सकें। भ्रमण स्थल दूसरे राज्यों में भी हो सकता है।

यह स्थल ऐतिहासिक, सांस्कृतिक महत्व या पर्यटन स्थल होना चाहिए। यानी इसमें संग्रहालय, बोटेनिकल या हर्बल  गार्डन, ऐतिहासिक स्थल, बड़ी औद्योगिक इकाइयां, विश्वविद्यालय, प्रदर्शनियां, व्यापार मेले व पुस्तक मेले को शामिल किया जा सकता है।

भुक्कल ने कहा कि बच्चों के एजुकेशनल टूर के लिए हरियाणा परिवहन की बसों का उपयोग किया जाएगा। इस बारे में यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों की संख्या सीट संख्या से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और न ही उन्हें बस की छत के ऊपर बैठने की अनुमति दी जाएगी। 20 बच्चों के साथ एक अध्यापक की डयूटी लगाई जाएगी और कम से कम एक पुरुष अध्यापक भी साथ जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि जहां तक हो सके स्कूलों को टूर पर जाने वाले छात्रों के साथ संबंधित कक्षा अध्यापकों की ही ड्यूटी लगानी होगी और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए अध्यापक पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे।

स्कूल प्रमुख लड़कों एवं लड़कियों  के लिए अलग-अलग भ्रमण आयोजित करने के लिए अधिकृत होंगे। टूर का आयोजन इस तरीके से किया जाना चाहिए कि बच्चों का शैक्षणिक पाठय़क्रम बाधित न हो। स्कूल का मुखिया बच्चों के भ्रमण से आने तक स्कूल में उपस्थित रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि हर विद्यार्थी अपने घर सुरक्षित पहुंच गया है।

टूर पर जाने वाली लड़कियों के लिए विशेष प्रबंध करने होंगे। भुक्कल ने कहा कि भ्रमण के दौरान विद्यार्थी खाने-पीने के लिए सुविधानुसार अपने टिफिन या लंच बॉक्स ले जा सकते हैं। हालांकि स्कूल द्वारा बच्चों के खाने-पीने के लिए फलाहार एवं पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।

टूर के दौरे के दौरान विद्यार्थियों को साफ-सुथरे स्थलों से ही खाने की अनुमति होगी। भुक्कल के मुताबिक स्कूल मुखिया 1500 रुपये प्रति भ्रमण के हिसाब से खर्च करने के लिए अधिकृत होंगे, जिसमें बस खर्चा, टिकट तथा फलाहार आदि का खर्चा शामिल होगा। स्कूल प्रबंधन छात्रों के प्रति भ्रमण पर 8000 रुपये से अधिक खर्च नहीं कर पाएगा।

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