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बीपी को रखें काबू में

यह सब को पता है कि गर्मियों के मुकाबले ठंड के दिनों में ब्लड प्रेशर 6 से 10 अंक तक बढ़ जाता है। यह वृद्घि दिल और धमनियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ाती है। नतीजतन, दिल का दौरा पड़ने और स्ट्रोक के मामले ज्यादा होने की भी खबरें आती हैं। शरीर की कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के चलते इसी मौसम में सबसे ज्यादा लोगों को डॉक्टरों की मदद की जरूरत पड़ती है। लेकिन यदि थोड़ी सावधानियां बरत ली जाएं तो ऐसी बुरी नौबत आने से जरूर बचा जा सकता है।

अगर ब्लड प्रेशर की शिकायत हो
जिन लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ा रहता है, उन्हें सर्दियों में ज्यादा सावधान रहना चाहिए। हर 15 दिन में अपना ब्लड प्रेशर जरूर देखें। अगर सुबह उठने पर सिर भारी लगे, तो तुरंत ही इसकी जांच करें। ब्लड प्रेशर बढ़ा है तो डॉक्टरी से निर्देशित दवा की खुराक लें। अगर एक से ज्यादा दवा लेते हैं तो एक दवा रात के समय लेने से चौबीसों घंटे ब्लड प्रेशर पर काबू में रखना आसान हो जाता है।

व्यायाम करते रहें :  वजन न बढ़ने दें
जाड़े में मेवों, मिठाइयों और तली हुई चीजों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। इस से वजन बढ़ता है। इसे काबू में रखें।

ज्यादा न सोएं
सर्दियों में सुबह-सुबह बिस्तर त्यागने की बजाय अमूमन लोग सोचते हैं कि ठंड से बचना है तो कुछ देर से उठें, लेकिन यह सोच नुकसानदेह है। सर्दियों में ज्यादा सोने की जरूरत कतई नहीं होती। अलार्म लगाएं और समय से उठकर ठंड से बचने के लिए पर्याप्त गरम कपड़े पहनें, लेकिन मार्निग वॉक जारी रखें। ठंड के कारण जाड़े में सैर और व्यायाम रोकना ठीक नहीं। व्यायाम भी करते रहें। साथ में प्रसन्न रहने का भी कोई मौका न चूकें।

यह मौसम खाने-पीने के लिहाज से काफी स्वास्थ्यवर्धक कहा जा सकता है। इस मौसम में गर्ममिजाज वाले खाने को बढ़ाना चाहिए। गुड़-मूंगफली, अंडा, मेवे, दलिया और कुछ फैट वाली चीजें लेने में भी हर्ज नहीं बशर्ते उन्हें पचाने के मामले में आप किसी तरह का आलस न करें। पर्याप्त मात्र में पोषक भोजन करें, जिसमें फल व हरी पत्तेदार सब्जियां पर्याप्त मात्र में हों। मौसमी सब्जियों का भी भरपूर मजा लें। खाने में सलाद जरूर शामिल करें। इनमें रोग प्रतिरोधक विटामिन व खनिज तत्व प्रचुर मात्र में होते हैं। प्रचुर मात्र में तरल पदार्थ लें। रेशेदार फल, सब्जियों का प्रयोग करें।

सर्दी-जुकाम से क्या घबराना
बदलते हुए मौसम के साथ बहुत सी शारीरिक परेशानियां और बीमारियां हमें घेर लेती हैं। कुछ सावधानियां अपना कर इन दिनों सर्दी-जुकाम से आसानी से बचा जा सकता है। सामान्य जुकाम नाक और श्वास तंत्र में होने वाला संक्रमण है। राइनो, एडेनो और कोराना जैसे वायरस नाक के बहने या बंद नाक का कारण बन सकते हैं। कई बार आपको-शारीरिक पीड़ा और सूखी खांसी की शिकायत भी हो सकती है। ये लक्षण प्राय: 4 से 9 दिन तक रहते हैं। इसमें सामान्यत: लोग दवा नहीं लेते, जबकि यह रवैया बीमारी को और भी बढ़ा सकता है। 

सर्दियों में जुकाम ज्यादा होता है क्योंकि बदलते मौसम में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसी तरह अचानक कम तापमान में आने से भी जुकाम पकड़ सकता है जैसा आमतौर पर गर्मियों में होता है। इसीलिए अक्सर डॉक्टर गर्मियों में एअर कंडीशनर से धूप में या धूप से एसी में प्रवेश के बारे में हिदायतें देते हैं क्योंकि शारीरिक तापमान अचानक गिर जाने से हमारा शरीर होने वाले संक्रमणों से लड़ने के लिए अकसर तुरंत तैयार नहीं हो पाता।

कैसे रोकें
इस बारे में कुछ सावधानियां बरत कर अपना बचाव किया जा सकता है :-

- अचानक ठंडे से गरम/गरम से ठंडे वातावरण में न जाएं।
- खेल और व्यायाम के तुरंत बाद ठंडा पानी न पीएं।
- गरम भोजन के साथ ठंडी चीजें न खाएं। 
- मौसम के मुताबिक कपड़े पहनें
- अपने हाथ बराबर धोते रहें क्योंकि ज्यादातर कोल्ड और फ्लू वायरस अशुद्ध हाथों से ही फैलते हैं।
- सार्वजनिक वस्तुओं जैसे बैंक में पैन, पेपर के इस्तेमाल से बचें।
- भीड़ भरी जगहों और धूल से बचें। संक्रमित लोगों से दूर रहें। 
- दिन का कुछ समय ताजी हवा या धूप में बिताएं।
- ज्यादा मात्र में प्रतिरोधक दवाएं लेने परहेज करें।

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