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आग से सुरक्षा ना बाबा ना

वीवीआईपी विधायक निवास खतरे की ज़द में है। विधायक हॉस्टल में आग से सुरक्षा के मानकों की गंभीर अनदेखी की गयी है। हॉस्टल की सुरक्षा जांच में यह गंभीर लापरवाही सामने आयी है। 2004 में निर्मित विधायक निवास में लगे अधिकतर अग्निरोधी उपकरण काफी समय से खराब पड़े हैं।

हॉस्टल में लगे दोनों फायर सिस्टम भी काम नहीं कर रहे हैं। हॉस्टल के विभिन्न तल पर स्थापित लगभग 80 अग्निरोधी गैस सिलेंडर में से 24 पूरी तरह खाली हो चुके हैं। जबकि इतने ही सिलेंडरों की आधी गैस हवा हो चुकी है।

फरवरी 2009 में इन सिलेंडरों में गैस भरी गयी थी। बीते सप्ताह ‘हिन्दुस्तान’ संवाददाता ने दो बार हॉस्टल के फायर सिस्टम का जायजा लिया।  बिना किसी आपात स्थिति के सिलेंडरों की गैस का स्वत: ही खत्म होना भी गंभीर चूक मानी जा रही है।

लोकनिर्माण विभाग की इलेक्ट्रिक विंग पर बिजली व अग्निसुरक्षा का जिम्मा है। राज्य सम्पत्ति विभाग के अधिकारी भी कई बार इस चूक पर अपनी बेबसी जता चुके हैं।  गौरतलब है कि विधायक हॉस्टल में कई विधायक अपने परिवार के साथ रहते हैं। इसके अलावा 2007 में हॉस्टल की ऊपरी मंजिल में बीस अतिथि कक्षों (गेस्ट हाउस) का भी निर्माण किया गया है। 

  वीवीआईपी इमारत में अग्निरोधक उपकरणों की खस्ताहालत से विभाग की कार्यप्रणाल भी संदेह के घेरे में है। काफी समय से दोनों फायर सिस्टम को संचालित करने वाली मोटर भी खराब पड़ी है। फुंकी मोटर की भी मरम्मत नहीं की गयी है।

चतुर्थ तल तक लगे पाइपों में पानी भरने के बाद फायरकर्मी शीशों में बंद फायर सिस्टम के जरिए आग को काबू में करते हैं। फिलहाल दोनों फायर सिस्टम कूड़े के डिब्बे में तब्दील हो चुके हैं। 

संबंधित विभाग ने अभी तक कोई भी ऐहतियाती कदम नहीं उठाए हैं। लगभग 5 हजार की लागत से स्थापित किए एक गैस सिलेंडर में 2 हजार रुपए में गैस रिफिल की जाती है।

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