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घरेलू बिजली का वाणिज्यिक इस्तेमाल चोरी नहीं

राज्य विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में पाँच किलोवाट तक विद्युत भार वाले उन घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है जो इसी कनेक्शन का छोटा-मोटा वाणिज्यिक इस्तेमाल भी करते हैं। पावर कार्पोरेशन की सतर्कता इकाई बीते कुछ दिनों से मनमाने तौर पर छापा मारकर ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कर रही थी।

आयोग ने कहा है कि सतर्कता इकाई ऐसे मामलों में अधिकतम धारा 126 यानी वाणिज्यिक दर पर बिजली बिल का आकलन कर सकती है न कि धारा 135 (1इ) के तहत चोरी की कार्रवाई। आयोग ने पावर कार्पोरेशन के सीएमडी व सभी बिजली निगमों के एमडी को लिखे पत्र में कहा है कि इसका उल्लंघन करने वाले पर धारा 142 के तहत कार्रवाई कर जुर्माना लगाया जाएगा।

आयोग के सामने यह मामला विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने उठाया। उन्होंने कहा कि कार्पोरेशन 25 फरवरी 2009 को आदेश जारी कर चुका है कि ऐसे मामलों में बिजली चोरी की कार्रवाई नहीं होगी।

लेकिन सतर्क ता इकाई चोरी का मामला बनाकर उपभोक्ताओं को तंग कर रही है। उन्होंने कहा कि कार्पोरेशन व सतर्कता इकाई से शिकायत करने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। इसपर आयोग ने सख्त आदेश जारी कर सतर्कता इकाई की मनमानी रोकने को कहा है।

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