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भारतीय मूल के अमेरिकी को धोखाधड़ी के जुर्म में सजा

भारतीय मूल के एक अमेरिकी को टेक्सास के न्यायालय ने इंटरनेट से दवाओं की बिक्री में धोखाधड़ी के लिए 12 वर्ष की कैद और 6.8 करोड़ डॉलर के जुर्माने की सजा सुनाई है।

न्यायालय ने टेक्सास के अर्लिगटन के राकेश ज्योति सरन (47 वर्ष) को हेल्थकेयर धोखाधड़ी और दो संघीय अपराधों, दो ईमेल धोखाड़ी और नियंत्रित दवाओं के वितरण में धोखाधड़ी का दोषी ठहराया। मामले की जांच संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने की।

इस मामले में सजा पाने वाला सरन अंतिम आरोपी है। वह मई 2009 से ही संघीय हिरासत में है।

अभियोजक पक्ष ने सरन पर नवंबर 1999 से 20 सितंबर 2005 के दौरान हुए 201 मामलों में आरोप लगाए थे। अभियोजक ने सरन और अन्य पर हेल्थकेयर धोखाधड़ी, मेल धोखाधड़ी और काले धन को सफेद करने, नियंत्रित दवा वितरण योजना के गलत उपयोग का आरोप लगाया।

न्यायालय में पेश दस्तावेजों के अनुसार सरन अपनी दो कंपनियों के माध्यम से टेक्सास की 23 कंपनियों की दवाइयों का वितरण करता था। वह इंटरनेट पर दवा बेचने के लिए काफी छूट पर दवाएं हासिल करता और उनको खुले बाजार में बेच देता। इस अवैध कार्य से उसने करीब दो करोड़ डॉलर की अवैध कमाई की।

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  • Web Title:भारतीय मूल के अमेरिकी को धोखाधड़ी के जुर्म में सजा