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शादी हमारे समाज में अहम है: गुरिंदर चड्ढा

शादी हमारे समाज में अहम है: गुरिंदर चड्ढा

शादी आपकी फिल्मों की थीम होती है। आपकी आने वाली फिल्म ‘इट्स ए वंडरफुल आफ्टरलाइफ’ की थीम भी शादी है?
आपकी बात ठीक है, हर भारतीय के मन में शादी का ख्याल सबसे ऊपर होता है। लड़कियों के जन्म के समय से उन्हें इस तरह से पाला-पोसा जाता है कि वे एक आदर्श दुल्हन, दब्बू और पति से कम बुद्धिमान होने के साथ ही कुछ ही मिनटों में स्वादिष्ट भोजन पका सकें। मेरी फिल्मों में महिला को एक मां, बेटी और पत्नी से ज्यादा वह क्या है, दिखाया जाता है। वह वो सब भी कर सकती है, जो वह करना चाहती है।

क्या आप पर भी इन पारंपरिक छवि को अपनाने का दबाव था?
(हंसते हुए) मेरी मां जब भारत मेरे दादा-दादी के पास गईं तो वहां से वह मेरे लिए दुल्हन का लिबास लेकर आई थीं। आप कल्पना कर सकते हैं, उस समय मेरी उम्र क्या रही होगी, मुश्किल से छह साल! जब मैंने 30 साल की उम्र में पॉल (मायदा-वर्गीज) से शादी की तो उसी सूट को पहना था। यह वास्तव में काफी खूबसूरत था।

क्या आप अपनी फिल्म ‘बेंड इट लाइक बैकहम’ की जैस की तरह बागी थीं?
हां, दादी की बहुत अधिक अपेक्षाओं के बावजूद मुझे खाना पकाना सीखना अच्छा नहीं लगता था। बीजी अपनी अथक कोशिशों के बाद भी मुझे अच्छी भारतीय लड़की नहीं बना पाईं।

क्या आपने फिर कभी खाना पकाना सीखा?
हां, मैने सीखा, लेकिन मैंने केवल रोटियां बनाना हाल में ही शुरू किया है, क्योंकि मेरे दोनों बच्चों कुमिको और रौनक को मक्खन के साथ गरमागरम रोटियां काफी पसंद हैं।

फिर आपने भारतीय कपड़ें भी नहीं पहने होंगे?
नहीं, 70 के दशक में पारिवारिक समारोहों या फिर शादी के अवसर की तस्वीरों में मैं थ्री पीस सूट, फ्लेयर्ड पैंट, वेस्टकोट और स्कार्फ में हूं, लेकिन मैं पारंपरिक भारतीय गुड़िया की छवि में नहीं बंधना चाहती थी।

आप ‘इट्स ए वंडरफुल आफ्टरलाइफ’ को कैसे परिभाषित करना चाहेंगी?
मैं इसे एक फंतासी के रूप में देखती हूं। दुनिया में कहीं भी अगर एक महिला को प्यार में अपमानित या रिजेक्ट कर दिया जाता है तो मैं सोचती हूं कि वह ऐसी स्थिति में कैसे रिएक्ट करती होगी। मेरी फिल्म में महिलाओं का राज है। मेरी ख्वाहिश है कि महिलाएं आएं और फिल्म को देखें।

क्या आप कभी अपमानित हुईं?
(हंसते हुए) आप अभी उसके निशान देख सकते हैं। जब पॉल मुझसे शादी की परमिशन लेने के लिए घर आए तो मेरे पिताजी ने उन्हें मेरा हाथ मांगने के लिए आए पत्रों का ढेर दिखाया। यह वास्तव में काफी स्वीट था।

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