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तेलंगाना मुद्दे पर संसद को भरोसे में ले सरकारः भाजपा

भाजपा ने तेलंगाना को पृथक राज्य बनाने की घोषणा के मामले में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित संबद्ध किसी को भी भरोसे में नहीं लेने का सरकार पर मंगलवार को आरोप लगाते हुए मांग की इसकी रूपरेखा (रोड़मैप) के बारे में संसद को विश्वास में लिया जाए।

राज्ससभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा नेता एम वेंकैया नायडू ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि तेलंगाना के बारे में सरकार की घोषणा के बाद पूरे राज्य में छात्रों ने हड़ताल कर दी है और शिक्षण संस्थान बंद हैं। उन्होंने कहा कि लगता है कि राज्य के 130 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में तेलंगाना के विरोध में आत्महत्या के प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ दल के नेता भड़काउ बयान दे रहे हैं और अनशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री के रोसैया भी यह कह चुके हैं कि तेलंगाना के बारे में केन्द्र ने घोषणा करने से पहले उनकों भी भरोसे में नहीं लिया गया।

नायडू ने कहा कि भाजपा तेलंगाना राज्य के गठन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को तेलंगाना के लिए रोड़मैप के बारे में संसद को भरोसे में लेना चाहिए।

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