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रनों के सैलाब के बीच निकली भारत की जीत

रनों के सैलाब के बीच निकली भारत की जीत

वीरेंद्र सहवाग के बल्ले से निकले आतिश के दम पर बने भारत के 414 रन के एवरेस्ट के जवाब में तिलकरत्ने दिलशान और कुमार संगकारा ने श्रीलंका को जीत की दहलीज तक पहुंचाया लेकिन डैथ ओवरों में गेंदबाजों के जबर्दस्त प्रदर्शन से मेजबान ने पहले वनडे में तीन रन से सनसनीखेज जीत दर्ज करके सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

बल्लेबाजों की ऐशगाह रही माधवराव सिंधिया स्टेडियम पिच पर पर दिन भर में आठ सौ से अधिक रन बने। पहले सहवाग ने बल्ले से जमकर आतिशबाजी की जिसकी बदौलत भारत ने सात विकेट पर 414 रन बनाए जो वनडे क्रिकेट में उसका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। दिलशान (160) और संगकारा (90) की अगुआई में मेहमान बल्लेबाजों ने इसका माकूल जवाब दिया लेकिन आखिरी ओवरों में जहीर खान और आशीष नेहरा ने चतुराई के साथ गेंदबाजी करते हुए उसे ऐतिहासिक जीत से महरूम कर दिया। श्रीलंका ने आठ विकेट पर 411 रन बनाए।

भारतीय पारी के नायक सहवाग रहे जिन्होंने अपने कातिलाना फार्म को बरकरार रखते हुए 102 गेंद में 146 रन की उम्दा पारी खेली। महेंद्र सिंह धोनी (72) और सचिन तेंदुलकर (69) ने उनका बखूबी साथ दिया।

वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने का रिकार्ड दक्षिण अफ्रीका के नाम है जिसने 2006 में आस्ट्रेलिया के 434 रन के पहाड़ जैसे स्कोर को भी बौना साबित कर दिया था। यदि श्रीलंका आज जीतता तो यह लक्ष्य का पीछा करते हुए दूसरी सबसे बड़ी जीत होती।

श्रीलंका ने रनों के एवरेस्ट के सामने दबाव में आने की बजाय उसे लांघने का जज्बा दिखाया हालांकि कामयाब नहीं रही। दिलशान ने 124 गेंद में 160 रन बनाए जिसमें 20 चौके और तीन छक्के शामिल हैं। संगकारा ने उनका बखूबी साथ निभाते हुए सिर्फ 43 गेंद में 90 रन बनाए। उन्होंने दस चौके और पांच छक्के लगाए। इससे पहले वनडे क्रिकेट में भारत का सर्वोच्च स्कोर पांच विकेट पर 413 रन था जो उसने 2007 विश्व कप में बरमुडा के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में बनाया था।

इससे पहले वीरेन्द्र सहवाग की अगुआई में भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवर में श्रीलंका के सामने 415 रन का पहाड़ सा लक्ष्य रखा। भारत की तरफ से वीरेन्द्र सहवाग ने 146, सचिन ने 69 और धोनी ने 72 रन बनाए। भारत ने इस तरह से वनडे क्रिकेट में अपना सर्वाधिक स्कोर बनाया।

शुरुआत से ही धुंआधार बल्लेबाजी करते हुए वीरेन्द्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर ने पहले विकेट के लिए 20वें ओवर तक 153 रन की साझेदारी की। सचिन तेंदुलकर 69 रन बनाकर फर्नांडो की एक नीची रहती हुई गेंद पर चकमा खा गए और गेंद सीधी उनकी गिल्ली उड़ा ले गई। इसके बाद भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने रनों की रफ्तार धीमी नहीं पड़ने दी और जल्द ही अपना अर्द्धशतक पूरा कर लिया। दूसरे छोर पर वीरेन्द्र सहवाग ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए अपना 12वां शतक पूरा किया। वेलेगेदरा ने दिलशान के हाथों कैच करा कर वीरेन्द्र सहवाग की 102 गेंदों में 146 रन की धुंआधार पारी को समाप्त किया। कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी भी 72 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

अंतिम ओवरों में विराट कोहली और रविन्द्र जड़ेजा ने कुछ अच्छे हाथ दिखाते हुए भारत के स्कोर को 400 के आंकड़े से ऊपर पहुंचाया। एक समय जल्दी-जल्दी विकेट गिरने के बाद भारत की रन रफ्तार बहुत धीमी हो गई थी। इस बीच सुरेश रैना 16, गौतम गंभीर 11, हरभजन सिंह ने 11 और विराट कोहली ने 27 रन बनाए, जबकि रविन्द्र जड़ेजा 30 और प्रवीण कुमार 5 रन बनाकर नॉटआउट रहे। श्रीलंका ने 27 रन अतिरिक्त के रूप में भी लुटाए। श्रीलंका की ओर से कुलशेखरा, वेलेगेदरा और फर्नांडो ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि एक विकेट मैथ्यूज को मिली।

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