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नरेगा में रुद्रप्रयाग फिसड्डी

नरेगा के तहत धन खर्च करने में रुद्रप्रयाग सबसे फिसड्डी रहा। अल्मोड़ा ने सबसे ज्यादा खर्च किया है। औद्योगिक क्षेत्र होने की वजह से हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में काम कम हुआ। काम कम होने के पीछे यहां पर औद्योगिक इकाइयों में 150-200 रुपये मजदूरी होना भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है।

भारत सरकार की अति महत्वकांक्षी योजना नरेगा के लिए आवंटित धन के खर्च पर गौर करें तो रुद्रप्रयाग मात्र 55 प्रतिशत धन ही खर्च कर सका। अल्मोड़ा 80 प्रतिशत धन खर्च कर टॉप पर रहा। चमोली व चम्पावत ने 74-74 प्रतिशत खर्च किया।

टिहरी ने 73, नैनीताल ने 72, पिथौरागढ़ ने 70, बागेश्वर ने 68, देहरादून ने 67, पौड़ी ने 64 प्रतिशत धन का उपयोग किया। हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर दोनों ने 60-60 प्रतिशत राशि ही खर्च की। इन दोनों जिलों में बड़ी संख्या में उद्योग होने की वजह से भी ज्यादातर लोगों ने फैक्ट्रियों की तरफ रुख किया।

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