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फैट का मिथक

अकसर फैट यानी वसा को लेकर लोगों में भ्रम होता है कि वह शरीर के लिए नुकसानदायक होता है, लेकिन इसे सर्वसत्य मानना सही नहीं होगा। युवाओं में भी मोटापे को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं, लिहाजा फैट की जरूरत को लेकर कुछ बातें ध्यान में रखी जानी चाहिए।

शरीर की कोशिकाओं को मजबूत करने के लिए, हार्मोन मैनुफैक्चर करने के लिए, ऊर्जा प्रदान करने में और अंगों की रक्षा करने के लिहाज से फैट लाभदायक होता है। विटामिन ए, डी, ई और के फैट में घुलनशील होते हैं, ऐसे में शरीर से उनका उत्सजर्न जरूरी हो जाता है। फैट की पर्याप्त मात्र ही शरीर के लिए आवश्यक है, इसलिए इसे अपनी डाइट से नदारद नहीं करना चाहिए।

डिनर के समय शरीर को कम कैलोरी की आवश्यकता होती है। चूंकि आप दिन के समय शारीरिक रूप से ज्यादा काम करते हैं और इस दौरान आपको अधिक कैलोरी की आवश्यकता होती है। शाम के समय शरीर थका हुआ होता है, ऐसे में उसे खाना पचाने के लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है। अगर आप रात को देर से डिनर कर रहे हैं, ऐसे में खाने से पहले थोड़े स्नैक खा लें, जिससे आपको भूख कम लगेगी।

सूखे मेवों और ताजे फल के अलग-अलग फायदे नुकसान होते हैं। जब फल से सारा पानी निकाल लिया जाता है, तो मौजूद पोषक तत्व और कैलोरी दोनों सांद्रित अवस्था में हो जाते हैं। उदाहरण के तौर पर अंगूर के एक कप में 80 प्रतिशत पानी और उसमें 104 कैलोरी होती है और एक रेजिन में 15 प्रतिशत पानी होता है और 434 कैलोरी होती है। ताजे फलों में विटामिन सी होता है, जो कि फल को ड्राइ फ्रूट बनाने में कम हो जाता है। ड्राइ फ्रूट से शुगर के रूप में ऊर्जा मिलती है। इसके अलावा, ये फाइबर, विटामिन और खनिज के अच्छे स्त्रोत होते हैं। साथ ही इनको एकत्रित करने में दिक्कत नहीं आती।

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