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जल्लाद नाटा मलिक सदा के लिए खामोश

करीब पांच साल पहले बलात्कार और हत्या के दोषी धनजंय चटर्जी को फांसी पर लटकाने वाले जल्लाद नाटा मलिक का सोमवार को बीमारी के कारण निधन हो गया। उनके परिवार के सूत्रों ने बताया कि वह 89 साल के थे और यहां के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांसें ली।

जल्लाद मलिक ने अपने जीवनकाल में चटर्जी समेत 25 लोगों को फांसी दी। मलिक को उनके अभिनय और कौशल के लिए भी जाना जाता था। उल्लेखनीय है कि मलिक ने 1970 के दशक में मृणाल सेन की फिल्म मगया में जल्लाद की भूमिका निभाई थी। उन्होंने टेलीविजन कार्यक्रमों और रंगमंच में भी अपने अभिनय से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।

गौरतलब है कि सेवानिवृत्ति के बाद नाटा मलिक को चटर्जी को फांसी देने के लिए फिर से कार्यभार संभालना पड़ा क्योंकि राज्य में वही एक मात्र जल्लाद थे। इसके लिए उन्होंने सरकार के समक्ष अपने एक बेटे को नौकरी देने की शर्त रखी थी।

अपार्टमेंट के गार्ड धनजंय चटर्जी को 15 वर्षीय एक स्कूली छात्र हेतल पारेख के साथ बलात्कार करने और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान मलिक के पिता शिवलाल मलिक भी जल्लाद थे, जिन्होंने कई स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी पर चढ़ाया था। परिवार के सूत्रों ने बताया कि नाटा मलिक के पिता अपने समय के सर्वश्रेष्ठ जल्लाद थे और उनका बेटा भी बहादुर जल्लाद था, जिसने 25 लोगों को सदा के लिए खामोश किया।

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  • Web Title:जल्लाद नाटा मलिक सदा के लिए खामोश