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अनुशासनहीनता के आरोप में शाहिद सिद्दीकी बसपा से निकाले गए

बहुजन समाज पार्टी ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में शाहिद सिद्दीकी को पार्टी से निकाल दिया। राष्ट्रीय महासचिव बाबू सिंह कुशवाहा ने सोमवार को पार्टी के फैसले की जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि श्री सिद्दीकी नेतृत्व पर प्रारम्भ से ही राज्यसभा भेजे जाने के लिए दबाव बना रहे थे।

जबकि उन्हें पहले ही बता दिया गया था कि पार्टी देश की कैडर आधारित सबसे बड़ी पार्टी है, जो अपने जुझारू, निष्ठावान और पार्टी के लिए खून-पसीना बहाने वाले कार्यकर्ताओं को पूरा मौका देती है।

वहीं स्वार्थी व पदलोलुप लोगों के लिए बसपा में कोई जगह नहीं है। उन्होंने शाहिद सिद्दीकी द्वारा पार्टी नेतृत्व के खिलाफ की गयी बयानबाजी को पूर्णत: निराधार एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

श्री सिद्दीकी लोकसभा चुनाव से पहले सपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए थे। बसपा के टिकट पर उन्होंने बिजनौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे।

बसपा महासचिव ने कहा कि बसपा प्रत्याशी होने के बावजूद चुनाव के दौरान श्री सिद्दीकी सपा के लोगों के बीच ही घूमते रहे और बसपा कार्यकर्ताओं व  क्षेत्रीय जनता के साथ कोई ताल-मेल नहीं बैठाने के कारण  लोकसभा का चुनाव हार गये।

उन्होंने कहा कि श्री सिद्दीकी की गलत कार्यशैली के कारण पार्टी अपनी परम्परागत बिजनौर सीट हार गई। श्री कुशवाहा ने कहा कि लोकसभा का चुनाव हारने के बाद जब श्री सिद्दीकी को लगा कि बसपा में अब उनकी दाल गलने वाली नहीं है, तो उन्होंने पुन: राज्यसभा में भेजे जाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।

लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उनकी माँग को ठुकरा दिया। क्योंकि पार्टी में किसी को कोई पद देने या महत्वपूर्ण नीति विषयक निर्णय लेने से पहले समर्पित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से राय-मशविरा किया जाता है।

उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पूर्व ही श्री सिद्दीकी को आगाह कर दिया गया था कि वे अपनी कार्यप्रणाली में फौरन सुधार लायें अन्यथा पार्टी छोड़ दें। इसके बावजूद श्री सिद्दीकी ने अपनी गलत कार्यशैली जारी रखी, जिसके कारण उन्हें पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया।

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  • Web Title:शाहिद सिद्दीकी बसपा से निकाले गए